उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को लेकर बड़ा बयान दिया हैं. सोमवार को लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में सीएम योगी ने बताया कि माफिया का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है और वो आगे भी माफियाओं पर इसी तरह कड़ी कार्रवाई करते रहेंगे.
सीएम योगी आदित्यनाथ जब इस कार्यक्रम में आए सदस्यों को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्होंने अपने कार्यकाल में हुई एक पुरानी बात का जिक्र करते हुए माफियाओं को लेकर ये बात कही. सीएम योगी ने कहा कि डीजीपी ने लखनऊ में पुलिस की जमीन पर माफिया के कब्जे की बात बताई तो सीएम ने कहा कि माफियाओं का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है.
'माफिया को खत्म करना मेरा पसंदीदा विषय'
सीएम योगी ने कहा कि "लखनऊ के एक माफिया ने यूपी पुलिस की ज़मीन पर कब्जा कर लिया था. पिछली सरकारों के सरंक्षण में वो माफिया इतना प्रभावी था कि पुलिस की इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वो उससे जमीन खाली करा ले. एक दिन रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले एक डीजीपी मेरे पास एक फाइल लेकर आए, उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस की लाइन पर एक माफिया का कब्जा है. तो मैंने कहा कि ये तो हमारा सबसे प्रिय विषय है."
पहले FIR और फिर अगले दिन पहुंचा बुलडोज़र
सीएम योगी की इस बात पर हॉल में तालियां बजने लगी. जिसके बाद सीएम योगी ने आगे कहा कि "उन्होंने (पूर्व डीजीपी) पूछा क्या मतलब? मैंने कहा कि ये आप मुझे दे दीजिए, मैं इसे ठीक करा देता हूं. आप आश्चर्य करेंगे कि वो 120 एकड़ की ज़मीन हैं एयरपोर्ट से थोड़ी दूरी पर ही. उसकी कीमत का अंदाजा लगा सकते हैं. मैंने कहा घबराइए मत..इसके बाद मैंने उस पर एफआईआर दर्ज कराई और फिर वहां पर अगले दिन हमारा बुलडोज़र पहुँच गया."
सीएम योगी ने कहा कि जैसे ही ये मामले मेरे संज्ञान में आया फिर उनकी सरकार ने न सिर्फ जमीन को तुरंत मुक्त कराया बल्कि रिकॉर्ड में माफिया के नाम जमीन चढ़ाने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की. मुख्यमंत्री सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कहीं भी जमीन कब्जाने की कोशिश करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है.
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