प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर बवाल मच गया है. इस बीच सीएम योगी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा , "यह 145 करोड़ भारत वासियों की भावनाओं का अपमान है. भारतीय लोकतंत्र को शर्मसार करता यह कृत्य कांग्रेस की हताशा, निराशा, कुंठा और वैचारिक दिवालियापन का प्रमाण है."

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सीएम योगी ने आगे कहा, "भारतीय राजनीति में 'अपशब्द' का पर्याय बन चुकी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी अक्षम्य और घोर निंदनीय है." उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस को अविलंब अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कठोर कार्रवाई करते हुए पूरे देश से क्षमा मांगनी चाहिए."

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी की निंदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा टिप्पणी पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान कांग्रेस की गिरती राजनीतिक संस्कृति का परिचायक है. कांग्रेस हताश और निराश हो चुकी है. जनता फिर सबक सिखाएगी."

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 केशव प्रसाद मौर्य का कांग्रेस पर हमला

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की देशव्यापी और विश्वव्यापी लोकप्रियता से केवल गांधी परिवार ही नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस भी ‘मानसिक अवसाद’ से भर चुकी है."

उन्होंने कहा, "नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तो प्रधानमंत्री को लेकर आए दिन आपा खोते ही रहते हैं. पहले कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री की माताजी का लगातार अपमान करते रहे हैं और अब गांधी परिवार की चापलूसी करने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय संस्कृति का गला घोंटकर दो कदम आगे बढ़ गए."

उन्होंने आगे कहा, "पीएम मोदी के दिवंगत पिताजी का भी अपमान कर बैठे. खरगे भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता हैं, लेकिन गांधी परिवार को खुश करने के लिए वे कई बार अपनी उम्र और पद की ‘मर्यादा’ तक भूल चुके हैं."

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में की गई टिप्पणी पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, जिस तरह से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पटना में प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में टिप्पणी की, वह बहुत सम्मानजनक है, और उनकी जितनी भी कड़ी निंदा की जाए, वह कम होगी. इसी तरह, कांग्रेस के युवराज प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के बारे में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणी करते थे. इसलिए, अगर आप देखें, तो यह कोई गलती नहीं है; वे एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम करते हैं क्योंकि जनता के बीच उनके नीचे की ज़मीन खिसक चुकी है.