योगी सरकार का बड़ा तोहफा, चुनाव से पहले बढ़ा दिया 50 प्रतिशत मानदेय
अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 9 साल पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में अव्यवस्था थी, बेईमानी, मक्कारी सरकार करती थी.

अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए बड़ा ऐलान किया है. सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का 50 फीसदी मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है, अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8000 से 12000 किया है. इसके साथ ही सीएम योगी ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं का भी मानदेय बढ़ाया है, जो 4000 से 6000 करने का ऐलान किया है.
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के अंदर इन सभी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख की कैशलेस की स्वास्थ्य बीमा का कवर मिलेगा. ये केवल एक बार के लिए नहीं है, हर साल उनके लिए 5 लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में या सरकारी हॉस्पिटल में या मेडिकल कॉलेजेस में ये सुविधा उन्हें उपलब्ध होगी.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जो मानदेय पहले 3000 मिलता था, उसे 8000 प्रतिमाह बढ़ाया गया था और आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता है हम उसको बढ़ा करके 12000 प्रतिमाह करने जा रहे हैं. सहायिकाओं का जो पहले 1500 मिलता था, हमने उसको पहले बढ़ा करके 1500 से 4000 किया और 4000 से अब हम उसको बढ़ा करके 6000 करने जा रहे हैं.
9 साल पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में अव्यवस्था थी- सीएम योगी
अयोध्या पहुंचे सीएम योगी ने नव-नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में यह ऐलान किया है. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि आज से 9 साल पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में अव्यवस्था थी, बेईमानी, मक्कारी सरकार करती थी. एक शराब माफिया पोषाहार का काम संचालित करता था. वह व्यवस्था को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखता था, परिणाम ये था कि आंगनबाड़ी केंद्र अस्त व्यस्त थे. सरकार और माफिया मिलकर व्यवस्था को चौपट करते थे, गाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनते थे.
2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में टाट लेकर आते थे मासूम बच्चे
सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 के पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में जो मासूम बच्चे आते थे, वह अपना टाट लेकर आते थे. वहां न पेयजल होता था, न ही गुणवत्तापूर्ण रेसिपी दी जाती थी. केंद्र सरकार पैसा देती थी लेकिन राज्य में ऐसी सरकार थी जो संवेदनहीन थी. वह न तो क्रय करती थी, अगर करती थी तो वह पैसा माफियाओं के हाथ चला जाता था. परिणाम था कि आंगनबाड़ी केंद्र वीरान पड़े रहते थे.




















