उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सख्त और स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि इस संवेदनशील मामले में कानून अपना काम पूरी गंभीरता से कर रही है और किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जांच प्रक्रिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.

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सीएम धामी ने बताया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) निरंतर तथ्यों की पड़ताल कर रही है. वहीं जांच के दौरान जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आ रहे हैं, उन पर कानून के दायरे में रहकर सख्त रूप से कार्रवाई जारी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी दबाव में नहीं है और न ही किसी दोषी को बचाने की कोशिश कर रही है. कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी.

तथ्यों से छेड़छाड़ कर, जनता को गुमराह करने की कोशिश

मुख्यमंत्री धामी ने पिछले करीब पंद्रह दिनों से इस मामले को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे प्रदेश में भ्रम की स्थिति बनी और विकास कार्यों पर भी असर पड़ा था.

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सीएम ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई, बल्कि प्रदेश का माहौल भी खराब किया गया. मगर उत्तराखंड की जनता समझदार है और सच को पहचानती है.

भ्रम फैला रहे लोग जनता से माफी मांगे- सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस संवेदनशील मामले पर राजनीति करने के बजाय सभी को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे थे, उन्हें उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय दिलाने तक हर आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे.