उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार (26 मार्च) को रामनवमी के मौके पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून–पिथौरागढ़–देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया. इस नई सेवा के तहत एलाइंस एयर 42 सीटर विमान का संचालन करेगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा अब महज एक घंटे में पूरी हो सकेगी.

Continues below advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर शुरू हुई यह सेवा न केवल आम लोगों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि पहले हवाई यात्रा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार की नीतियों के चलते आम नागरिक भी सस्ती दरों पर हवाई सफर कर पा रहा है.

उन्होंने उड़ान योजना का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना ने छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है. हाल ही में उड़ान योजना 2.0 को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.

Continues below advertisement

उड़ान योजना के तहत 26 हवाई मार्ग हो रहे संचालित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएं केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी हैं. दुर्गम क्षेत्रों में जरूरी सामान पहुंचाने और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज के लिए बड़े शहरों तक लाने में इन सेवाओं की अहम भूमिका है. वर्तमान में राज्य में उड़ान योजना के तहत 26 हवाई मार्ग संचालित हो रहे हैं. वहीं, 2023 में शुरू की गई उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत 6 रूट पर नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं.

2 से बढ़कर 12 हुई हेलिपोर्ट्स की संख्या

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 और हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गई है. इसके साथ ही राज्य को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” का राष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुका है.

'पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास पर करोड़ों हो रहे खर्च'

नई विमान सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है. साथ ही सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को भी गति मिलेगी. सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इसके अलावा नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता भी किया गया है, जिससे क्षेत्र में भविष्य में हवाई कनेक्टिविटी और बेहतर होगी.