उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर आम जनता के दुख-दर्द को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्यों और आपदा राहत के लिए कुल 16 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. इस निर्णय से जहां एक ओर आपदा पीड़ित परिवारों को सहारा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी.

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गत 5 अगस्त 2025 को यमुना नदी के जल स्तर में अवरोध उत्पन्न होने से ग्राम कुन्शाला के स्यानाचट्टी क्षेत्र में एक झील बन गई थी, जिसने वहां के होटलों और भवनों को जलमग्न कर दिया. इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 19 लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹61.09 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी है. यह राशि सीधे पीड़ितों तक पहुंचाई  जाएगी ताकि वे अपने जीवन को दोबारा पटरी पर ला सकें.

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प्रभावित परिवारों को मदद जारी

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अतिवृष्टि और भूस्खलन की मार झेल चुके जनपद टिहरी गढ़वाल के सैकड़ों परिवार आज भी किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं. तहसील धनोल्टी, टिहरी, प्रतापनगर, जाखणीधार और मदननेगी के इन प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री ने राहत देते हुए ₹4,000 प्रति माह प्रति परिवार की दर से 6 माह का किराया देने की स्वीकृति दी है. इस मद में कुल ₹19.28 लाख की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी की जाएगी. यह छोटी-सी मदद उन परिवारों के लिए बड़ा सहारा है, जो अपना सब कुछ खो चुके हैं.

13 करोड़ की धनराशि अवमुक्त

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के अंतर्गत प्रत्येक जनपद को अनटाइड फंड के रूप में कुल ₹13 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने की भी स्वीकृति दी है. अनटाइड फंड की खासियत यह होती है कि जनपद स्तर पर अधिकारी स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसे लचीले ढंग से खर्च कर सकते हैं. इससे जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

बदली जाएगी सीवर लाइन

राजधानी देहरादून के नागरिकों को भी इस घोषणा का लाभ मिलेगा. जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा के अंतर्गत श्रद्धा एन्कलेव में जर्जर हो चुकी सीवर लाइन को बदला जाएगा, साथ ही संधू एन्कलेव और प्रियदर्शिनी एन्कलेव में सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है. इस पूरी योजना पर ₹2.43 करोड़ खर्च होंगे. इन कालोनियों के निवासी लंबे समय से इस समस्या के समाधान की माँग कर रहे थे. एक भावपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खेतीखान का नाम देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद लान्सनायक रेवाधर के नाम पर रखने की स्वीकृति दी है. अब यह संस्थान ‘शहीद रेवाधर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खेतीखान’ के नाम से जाना जाएगा. इस कदम से न केवल शहीद की स्मृति को अमर किया जाएगा, बल्कि यहाँ पढ़ने वाले हजारों युवाओं को भी देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिलती रहेगी.

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