आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना लोकसभा सीट सांसद चंद्रशेखर आजाद ने नीट को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार को घेरने की तैयारी की है. आसपा ने 25 जुलाई को जोरदार प्रदर्शन का आह्वान किया है. वो खुद शनिवार को होने वाले इस प्रदर्शन में लखनऊ में शामिल रहेंगे. उन्होंने कहा कि ये आंदोलन देशभर में आगे और बढ़ेगा जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा. 

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आज़ाद समाज पार्टी 25 जुलाई को लखनऊ को इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन शुरू कर रही है. इस प्रदर्शन को ही समर्थन देने के लिए चंद्रशेखर आजाद कल लखनऊ में रहेंगे. उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन देश मे भर में आगे बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होने तक जारी रहेगा. चंद्रशेखर ने लाइव आकर इसकी जानकारी दी और इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की.  

लखनऊ के प्रदर्शन में शामिल होंगे चंद्रशेखर

चंद्रशेखर ने आज सुबह इंस्टाग्राम लाइव पर आकर कहा कि हमने घोषणा की थी कि 25 जुलाई को पूरे देश में जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा. इस कड़ी में मैं खुद लखनऊ के प्रदर्शन में शामिल होऊंगा और जिला प्रशासन को ज्ञापन दूंगा. बाकी सब लोग अपने जिलों में इस आंदोलन को मजबूती से समर्थन करें. हर कोई लखनऊ आने की कोशिश न करे. 

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बता दें कि नीट परीक्षा को लेकर यूपी में अलग-अलग जिलों में छात्र सड़क पर उतर आए हैं. आजाद समाज पार्टी ने गुरुवार को लखनऊ में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था और अब ये आगे भी जारी रहेगा. इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने साफ कर दिया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए और जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठियां बरसाईं उन पर सरकार एक्शन लें. 

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

नगीना सांसद ने कहा कि जब तक सरकार बच्चों की सारी मांगे मानेगी उनका आंदोलन चलता रहेगा. उन्होंने सरकार को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वो जगह-जगह मार्च होंगे और जेल भरो आंदोलन भी देखने को मिलेगा. इससे भी सरकार नहीं मानी तो भारत बंद जैसे बड़े आंदोलन देखने को मिलेंगे. लेकिन, युवाओं के भविष्य को बर्बाद नहीं होने देंगे. 

बता दें कि नीट परीक्षा को लेकर शुरू हुए आंदोलन को लेकर अब सियासत तेज हो चुकी है. कांग्रेस-समाजवादी पार्टी समेत तमाम सियासी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को चौतरफा घेराव कर रहे हैं. विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं. वहीं सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद भी सीजेपी ने आंदोलन जारी रहने का ऐलान किया है.   

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