उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की गिरफ्तारी के बाद उसके चंगुल में फंसने वाले कई लोग सामने आ रहे हैं. इन्हीं में से एक भदोही के रहने वाले ज्योतिर्मय है, जिनकी बेटी का धर्मांतरण कराया गया है और अब वो अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं. 

अवैध धर्मांतरण का सरगना छांगुर का प्रभाव उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में भी रहा है. ज्योतिर्मय की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ABP News से बातचीत के उसने बताया कि इशिता नाम की लड़की ने 5 साल पहले अपनी पहचान बदलकर उससे शादी की. उसे बाद में पता चला कि वो इशिता नहीं आफरीन है. 

धर्म छुपाकर आफरीन ने की शादीज्योतिर्मय ने कहा कि शादी से पहले उसे इशिता के धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, एक दिन उसकी नजर पहचान पत्र पर पड़ी तो उसके असली नाम का खुलासा हुआ. जब उसे इशिता उर्फ आफरीन की सच्चाई बता चली तो यकीन करना मुश्किल हो गया था. 

आफरीन के परिवार वाले लगातार धार्मिक विषयों को लेकर हमें प्रताड़ित करते थे. लखनऊ में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करने के लिए मारा पीटा भी जाता था. साथ ही धार्मिक परंपराओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को स्वीकारने के लिए बेटी को केंद्र में रखकर धमकी दी जाती थी. 

ससुरालवालों ने छांगुर से कराई मुलाकातज्योतिर्मय ने बताया कि दिसंबर 2024 में ससुराल वालों ने ही उसकी मुलाकात छांगुर से कराई. 15 मिनट के लिए मुलाकात हुई, जिसके बाद उन्होंने कहा कि आप परंपरा को स्वीकार करिए नहीं तो तलाक दे दीजिए. बेटी के लिए हमारी तरफ से रोजा और अन्य रीति रिवाज को स्वीकार भी किया जाता था. 

बेटी का भी धर्म बदलाउसने कहा कि मीडिया पर जब छांगुर को देखा तो हमें लगा कि कहीं ना कहीं वो लोग छांगुर के प्रभाव में आकर ही परंपराओं को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाते थे, मेरी बेटी का भी नाम बदल दिया गया है. पहचान पत्र पर पिता के तौर पर मेरा कोई दूसरा नाम रखा गया है. 

मेरी बेटी का नाम कुंजल है लेकिन उन्होंने स्कूल में अलीशा लिखवाया है. मेरी बेटी से बातचीत नहीं हो पाती है और हमें लगातार धमकी दी जा रही है. मैं प्रशासन से अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए अपील करना चाहता हूं.

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