चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच तीर्थयात्रियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. इस वर्ष यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 17 अप्रैल से ऋषिकेश में शुरू की जाएगी. यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया है.

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चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप के यात्री पंजीकरण प्रभारी प्रेमानंद के अनुसार, ट्रांजिट कैंप में दो अलग-अलग स्थानों पर 12-12 काउंटर स्थापित किए जाएंगे. इन काउंटरों पर दो शिफ्ट में तीर्थयात्रियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को समय पर सुविधा मिल सके. इसके अलावा, आईएसबीटी ऋषिकेश परिसर में भी छह काउंटरों के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी.

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की हैं. लगभग 30 कर्मचारियों को हैंडहेल्ड डिवाइस और मोबाइल तकनीक से लैस किया जाएगा, जो अलग-अलग स्थानों पर जाकर ऑन-द-spot पंजीकरण करेंगे. वहीं, लक्ष्मणझूला रोड गुरुद्वारा परिसर में भी चार काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और प्रक्रिया को तेज किया जा सके.

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पंजीकरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पिछले वर्ष के अनुभवों से भी सीख ली गई है. वर्ष 2025 में मुख्य पंजीकरण कार्यालय में आठ काउंटरों को बढ़ाकर 12 किया गया था, लेकिन यात्रियों की लाइन व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी. इस बार उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने इस समस्या का समाधान करते हुए सभी 12 काउंटरों के सामने अलग-अलग लाइनें निर्धारित कर दी हैं.

चारधाम यात्रा प्रशासन के कार्याधिकारी पीपी नौटियाल ने बताया कि प्रत्येक काउंटर के बाहर एंगल वाली व्यवस्थित लाइन बनाई गई है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस बार पूरी व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और यात्री-अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया है. प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्थाओं से चारधाम यात्रा के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया पहले से अधिक सुचारु और सुविधाजनक होगी, जिससे तीर्थयात्रियों का अनुभव बेहतर बनेगा.