उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस वर्ष यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए चारों धामों के मार्गों और प्रमुख स्थलों पर करीब 1600 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके जरिए पूरे यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जाएगी.
पुलिस मुख्यालय ने यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप के पर्यवेक्षण में एक विशेष सेल का गठन किया है. यह सेल यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की निगरानी करेगा. इसके साथ ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
74 वाच चौकियां बनेंगी
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस बार 74 वॉच एंड वार्ड पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी. इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर 106 पार्किंग स्थल भी बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और जाम की स्थिति न बने. आपात स्थितियों से निपटने के लिए 31 स्थानों पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की तैनाती भी की जाएगी.
चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है. इसे ध्यान में रखते हुए गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों में आपदा प्रबंधन की भी व्यापक व्यवस्था की जा रही है. उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार जिलों में कुल 51 टूरिस्ट पुलिस असिस्टेंस बूथ बनाए जाएंगे. इन बूथों पर तैनात पुलिसकर्मी तीर्थयात्रियों को मार्गदर्शन देने के साथ ही यात्रा से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे.
104 होल्डिंग स्थल बनाए जाएंगे
यात्रा के दौरान भारी भीड़ के कारण कई बार तीर्थयात्रियों को रास्ते में रोकना पड़ता है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए आठ जिलों में 104 होल्डिंग स्थल बनाए जा रहे हैं. इन स्थानों पर यात्रियों के ठहरने, भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके अलावा गढ़वाल परिक्षेत्र में 54 स्थानों पर आपदा राहत टीमों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकें.
17 स्थानों पर तैनात रहेंगे गोताखोर
चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्री हरिद्वार, ऋषिकेश, देवप्रयाग, मुनिकीरेती और शिवपुरी सहित कई स्नान घाटों पर गंगा में स्नान करते हैं. ऐसे में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने 17 स्थानों पर गोताखोरों की तैनाती, 24 स्थानों पर जल पुलिस और सात स्थानों पर फ्लड रेस्क्यू टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है.
इसी के साथ पुलिस विभाग ने आगामी 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की जरूरत पड़ सकती है. इस संबंध में पुलिस मुख्यालय में एक बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बाहरी राज्यों से मंगाई जाने वाली पैरामिलिट्री फोर्स के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
पर्याप्त सुरक्षा बल रहेगा तैनात
गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं. यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पार्किंग स्थल और होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
