उत्तराखंड में कुछ समाचार पत्रों में पीपलकोटी से जोशीमठ के बीच यात्रा मार्ग पर शौचालय, पेयजल और पार्किंग की व्यवस्था न होने को लेकर जो खबरें प्रकाशित हुई हैं, उन्हें चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं. 

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जमीनी हकीकत यह है कि प्रशासन ने यात्रा से पहले ही मार्ग पर हर जरूरी सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली है. बदरीनाथ धाम यात्रा मार्ग पर जो भूस्खलन-प्रवण इलाके हैं कमेड़ा, नंदप्रयाग, भनेरपानी, पागलनाला, बेलाकूची वहां एनएचआईडीसीएल की टीमें सड़क चौड़ीकरण और हिल साइड सुरक्षा कार्य में जुटी हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी.

101 शौचालय सीटें, 14 जगहों पर इंतजाम

खबरों में शौचालयों की कमी को लेकर जो सबसे ज्यादा सवाल उठाए जा रहे थे उस पर जिलाधिकारी ने विस्तृत जानकारी दी. पीपलकोटी से ज्योतिर्मठ के बीच सुलभ इंटरनेशनल की ओर से 14 स्थानों पर कुल 101 शौचालय सीटें तैयार की गई हैं. इनमें महिलाओं के लिए 54 और पुरुषों के लिए 47 सीटें हैं. 

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स्टील फ्रेम शौचालय गरुड़गंगा, पनाईगाड़, टंगणी, पागलनाला, पातालगंगा और लंगसी में बनाए गए हैं. इसके अलावा पीपलकोटी, हेलंग, ज्योतिर्मठ के पेनी बेंड, गेट के पास, धर्मशाला और मंदिर के निकट भी सुलभ शौचालय स्थापित किए गए हैं. पूरे बदरीनाथ हाईवे पर 48 स्थायी और 16 अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं. नगर पालिका और पंचायतों ने भी नगर क्षेत्रों में अलग से शौचालय निर्मित किए हैं.

पानी के लिए वाटर एटीएम से लेकर हैंडपंप के इंतजाम

पेयजल की व्यवस्था को लेकर जल संस्थान ने यात्रा मार्ग पर कई स्तरों पर इंतजाम किए हैं. पीपलकोटी से जोशीमठ के बीच 9 टीटीएसपी, 9 पीटीएसपी, 17 हैंडपंप, 3 वाटर एटीएम और 2 आरओ प्लांट स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा हॉट गीजर प्याऊ की भी सुविधा दी गई है.

30 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था 

वाहनों की पार्किंग को लेकर भी पूरे मार्ग पर 30 स्थानों पर व्यवस्था की गई है. गोपेश्वर और चमोली में जिला विकास प्राधिकरण की ओर से नई पार्किंग का निर्माण भी जारी है. जहां स्थायी पार्किंग संभव नहीं, वहां वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की पहचान कर ली गई है.

चारधाम सीजन और शादियों का दबाव

जिला प्रशासन की यह तैयारी ऐसे वक्त में है जब चारधाम यात्रा और विवाह सीजन एक साथ आने वाले हैं. इस दबाव को भांपते हुए प्रशासन ने पहले से ही सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है. कुल मिलाकर जिलाधिकारी का संदेश स्पष्ट है कि तीर्थयात्री निश्चिंत होकर बदरीनाथ की यात्रा की योजना बनाएं. मार्ग पर सुविधाओं का पूरा इंतजाम है और जो कमियां थीं, उन्हें यात्रा शुरू होने से पहले दूर कर लिया जाएगा.

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