UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जहां बीजेपी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीएसपी अपनी तैयारियों में लग गई है, वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यत्र और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद भी जोर लगाने की योजना बना रही है. चंद्र शेखर इस समय प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करने पर लगे हुए हैं. इसी कड़ी में वे रविवार को गाजीपुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रबुद्ध सम्मलेन में शामिल होने के साथ ही अगले साल होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में जीत के लिए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया.
इस दौरान चंद्र शेखर आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर है और जनता इससे मुक्ति चाहती है. वह 15 साल के सूखे का विकल्प चाहती है और आजाद समाज पार्टी वह विकल्प दे रही है. बूथ, सेक्टर और विधानसभा के संगठन को मजबूत करके आजाद समाज पार्टी 2027 का चुनाव मजबूती से लड़ेगी.
बहुजन समाज की राजनीति बसपा की वजह से पीछे- चंद्र शेखर
मीडिया से बातचीत के दौरान गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का जनता से गठबंधन है, दूसरी पार्टियों से गठबंधन के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीति में बहुजन समाज के लिए 15 साल का जो सूखा है, वह बसपा की वजह से है. अगर सूखा न होता तो हमारी जरूरत नहीं पड़ती. वह सूखा इस बार लोकसभा के चुनाव में भी दिख गया.
वहीं भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर उन्होंने कहा कि इसके बाद भी बिहार के तीन जवानों की जान चली गई है. यह कैसा सीजफायर है? क्या हम इतने कमजोर हो गए हैं कि मुट्ठी भर के देश से डर बैठें? इस मामले पर मैंने सुझाव दिया है और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी की है.
सीजफायर के लिए अमेरिका की कथित मध्यस्थता पर उन्होंने कहा कि हमारे समझौते अब अमेरिका में बैठे नेता कर रहे हैं. हम इतने कमजोर तो 20 साल पहले भी नहीं थे, अब तो हम आगे चल रहे हैं. इसके अलावा भारतीय सेना की महिला अधिकारियों पर जातिसूचक टिप्पणियों के बारे में उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं, क्योंकि सेना का कोई जाति-धर्म नहीं होता है. हमें इस तरह से जाने और अनजाने में सेना का अपमान नहीं करना चाहिए.
जाति जनगणना पर चंद्र शेखर ने क्या कहा?
जाति जनगणना को लेकर चंद्र शेखर ने कहा कि केंद्र सरकार ने इसकी घोषणा की है. उसकी समयसीमा तय कर दे तो बेहतर होगा, नहीं तो यह चुनावी जुमला बनकर रह जाएगा. इस दौरान चंद्र शेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को स्थायी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारी डरते हैं कि कहीं उन पर कोई कार्रवाई न हो जाए. इसलिए, मैं उन्हें विश्वास दिलाना चाहता हूं कि वे घबराएं नहीं, मैं समय आने पर उनकी सेवा को पक्की सेवा करूंगा.