उत्तराखंड चमोली टनल हादसे का जायजा लेने के लिए बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे है. प्रतिकूल मौसम की वजह से मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हो सकी. सीएम ने इस दौरान टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया और पूरी जानकारी ली है. 

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मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे. इसके बाद वो रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे. 

पीपलकोटी पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी

सीएम धानी ने इस दौरान कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी एजेंसियां युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. इस हादसे में अब तक टनल में फंसे 22 मजदूरों में से 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है. बाकी तीन मजदूरों की तलाश की जा रही है. जबकि सात लोगों की मौत हो चुकी हैं. 

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गुरुवार रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बता दें कि गुरुवार शाम क़रीब सात बजे चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा एवं पानी भरने की वजह से 22 मजदूर टनल में फँस गए थे. घटना के बाद से ही जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा. जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं. 

टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है. टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है. रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है. 

टनल से मलबा और पानी निकालने की कोशिश

राहत एवं बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं. टनल के भीतर मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी एवं समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं. 

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं. 

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