भीषण गर्मी के लिए पहचाने जाने वाले बुन्देलखण्ड में इस बार अप्रैल महीने में ही मौसम ने अपने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. बाँदा जिले में गर्मी ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यहाँ का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है. रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते 25 अप्रैल को बाँदा देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया.
आमतौर पर पारा मई या जून के महीने में 45 डिग्री के पार जाता है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही हालात बेकाबू हो गए हैं. भीषण लू (Heatwave) के थपेड़ों के कारण शहर की सड़कों पर दिन में ही सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग नितांत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और बचाव के लिए सिर पर अंगोछा या तौलिया बांधकर सफर कर रहे हैं.
प्रशासन अलर्ट मोड पर, जारी की नई एडवाइजरी
बढ़ते तापमान और लू के जानलेवा प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. बाँदा के अपर जिलाधिकारी (ADM) कुमार धर्मेन्द्र ने आम जनता के बचाव के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- दोपहर में घरों में रहें: आमजन से अपील की गई है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलें.
- जरूरी एहतियात: यदि बाहर निकलना बहुत जरूरी हो, तो सिर ढककर ही जाएं और अपने साथ पानी की बोतल अनिवार्य रूप से रखें.
- सार्वजनिक स्थानों पर जल व्यवस्था: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
- स्कूल और निर्माण कार्य: बच्चों के बचाव के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर दोपहर के समय मजदूरों से काम न लेने के सख्त आदेश दिए गए हैं, ताकि वे हीट स्ट्रोक की चपेट में न आएं.
नोएडा में मजदूरों के लिए बड़ा स्वास्थ्य अभियान, 1 मई को 201 मेगा कैंप; फैक्ट्रियों तक पहुंचेगी मेडिकल सुविधाएं
अस्पतालों में मरीजों की कतार, बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
इस भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. बाँदा जिला अस्पताल के डॉ. विनीत सचान ने जानकारी दी कि गर्मी और लू के कारण अस्पताल में डायरिया और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है. इनमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक है, जो गर्मी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं.
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
चिकित्सकों ने आम जनता को सलाह दी है कि तेज धूप में निकलने पर हमेशा पूरी आस्तीन (Full Sleeves) के सूती कपड़े ही पहनें. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) महसूस होने या चक्कर आने पर घरेलू इलाज के बजाय तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें.
