बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मेरठ की ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. बसपा चीफ मायावती ने कहा कि व्यक्ति को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा देश के करोड़ों दलितों के पूज्य बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने सदा काम किया, कानूनी अधिकार के लिए वो किसी के सामने नहीं झुके. कांशीराम जी ने बसपा का गठन किया ताकि किसी भी दलित के ऊपर अन्याय हो तो उसकी लड़ाई लड़ी जा सके, अदालत में मामला जाता है तो उसका निस्तारण होता है मेरठ आदि की तरह सड़कों पर नहीं उतरना है.  

मायावती ने कहा कि कुछ संगठन या पार्टियां पिछड़े वर्गों के लोगों को गुमराह करके अपने राजनीतिक फायदे के लिए सड़कों पर उतारती हैं, जिससे हिंसा, अफरा-तफरी या सड़क जाम जैसे हालात पैदा होते हैं. फिर उनके नेता घटना वाली जगह पर पहुंचकर झूठे आंसू बहाते हैं और हालात का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करते हैं. इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, बल्कि इन समुदायों की मुश्किलें और परेशानियां और बढ़ जाती हैं.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिखाए गए सही और शांतिपूर्ण रास्ते पर चलने में है, यानी एकता और वोट की ताकत से सत्ता की 'मास्टर-की' (चाबी) हासिल करना. यही तमाम मुश्किलों का एकमात्र उपाय है और बीएसपी इस लक्ष्य के लिए हमेशा प्रतिबद्ध और सक्रिय रही है. हमें इस रास्ते से बिल्कुल भी नहीं भटकना चाहिए. .ऐसे दलों से सभी वर्गों के लोगों को सतर्क रहना है. यहीं मेरी सलाह और सभी से पुरजोर अपील भी है.

जानें क्या है पूरा मामला?

बता दें कि मेरठ में 15 को बीस वर्षीय युवती ललिता गौतम ग़ायब हो गई थी, जिसके बाद उसका शव 17 मई को रोहटा इलाके में मिला. इस मामले में 18 मई को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी ने अपना गुनाह क़बूल कर लिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है. वहीं परिवार ने इस हत्याकांड में और लोगों के भी शामिल होने का आरोप लगाया है.  

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इस मामले को लेकर बुधवार को कमिश्नर चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. आरोप हैं एसएसपी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी की और उन्हें थप्पड़ मारे, जिसके बाद ये मामला और गरमा गया है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. 

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