नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने विपक्षी दलों पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने इस मामले पर बिना नाम लिए सपा-कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की जिद करने से असली मुद्दा खो रहा है. 

Continues below advertisement

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कई बड़ी बातें कहीं. उन्होंने लिखा- "देश में नीट-यूजी सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपरलीक व उसके उपरान्त परीक्षार्थियों द्वारा होने वाली आत्महत्याओं से उपजे छात्र-छात्राओं/युवाओं के ’कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) आन्दोलन के नई दिल्ली जन्तर-मन्तर में लगातार जारी शान्तिपूर्ण धरना को हालाँकि लोगों की व्यापक सहानुभूति हासिल है, किन्तु सरकारी जवाबदेही के रूप में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उनकी ज़िद्दी माँग को लेकर विपक्ष व सरकार दोनों के बीच ज़बरदस्त राजनीति का बाज़ार काफी गर्म है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में ज़रूरी व्यापक सुधार का असली मुद्दा ही कहीं लुप्त ना हो जाये?" पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- "वैसे इस गर्म मुद्दे को भुनाने हेतु विशेषकर विरोधी पार्टियों में सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त होड़ लगी हुई है, उससे भी सरकार व विपक्ष के बीच तनाव व टकराव की भी परिस्थिति हिंसक होकर किसी न किसी रूप में राज्यों में भी फैल रही है, जिससे अपनी पार्टी के लोगों को सचेत व सजग रहने की सलाह. इस प्रकार इस मुद्दे का पूरी तरह से राजनीतिकरण हो जाने के साथ ही जन्तर-मन्तर में आन्दोलन कारियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाईयों ने स्थिति को और अधिक गर्म व गंभीर बना दिया है."

मानसून सत्र सुचारू रूप से नहीं चल पाया- मायावती  बसपा सुप्रीमो ने कहा- "इस भारी तनाव व टकरावपूर्ण स्थिति के कारण संसद का वर्तमान मानसून सत्र अभी तक एक दिन भी सही व सुचारू रूप से नहीं चल पाया है, जिससे देश व जनहित के और भी अनेकों महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही एक प्रकार से रुक सी गयी है. इसके साथ ही, सरकार सीजेपी के आन्दोलन से निपटने हेतु जो उपाय ढूंढने का प्रयास कर रही है वह भ्रष्टाचार एवं अयोग्यता आदि के कारण होने वाले पेपरलीक होने के बाद की सख़्त कार्रवाई के द्योतक हैं, जबकि पेपरलीक के जघन्य अपराध ना हों इसके नियंत्रण हेतु उचित उपाय नहीं होता दिखने से भी लोगों में असंतोष बढ़ रहा है."

Continues below advertisement

पूर्व सीएम मायावती ने कहा- "इसलिये वर्तमान राजनीतिक हालात में उग्र व निराश होने के बजाय अपने लागों को अपने मिशन के प्रति पूरी लगन व तन, मन, धन से लगातार डटे रहना है, यही अपील.

बता दें कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इससे पहले भी सपा-कांग्रेस को हिदायत देते हुए कहा था कि इस मुद्दे पर सियासत नहीं होनी चाहिए, मायावती ने कहा कि राजनीतिकरण की वजह से देश में विषम परिस्थितियां पैदा हो गई हैं. इसका हल निकालना जरूरी है. क्योंकि इससे दिल्ली व अलग-अलग राज्यों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है.  

बीजेपी सांसद सतीश गौतम की सदस्यता पर लटकी तलवार! इस मामले में कोर्ट ने भेजा नोटिस