लखनऊ, एबीपी गंगा। लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली करारी हार के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। एक तरफ जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी से दूरी बना ली है, तो दूसरी ओर वो अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुट गई हैं। ताबड़तोड़ तरीके से एक-एक कर बहनजी पार्टी के कई अहम पदों के चेहरे बदल चुकी हैं।

मायावती के निर्देश पर एक बार फिर से संगठन में फेरबदल किया गया है। जिसके तहत दो दिन पहले ही आगरा के जिलाध्यक्ष बनाए गए विक्रम सिंह को भी मायावती ने 48 घंटे के अंदर बदल दिया गया और संतोष आनंद को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं, अलीगढ़ जोन इंजार्ज रहे हेमंत प्रताप सिंह को भी पद से हटाकर इसकी जिम्मेदारी सत्य प्रकाश कर्दम को सौंपी गई है।

एक्शन में बहनजी

  • आगरा और मथुरा मंडल इंचार्ज रवींद्र पारस के साथ ओपी बघेल और देवी सिंह जाटव को भी हटाया गया
  • अनिल भाटिया और दीपक पेंटर को फिरोजाबाद, मैनपुरी जिले का मंडल जोन इंचार्ज बनाया गया
  • 48 घंटे पहले आगरा के जिलाध्यक्ष बने विक्रम सिंह को हटाकर संतोष आनंद को अध्यक्ष बनाया गया

पार्टी से निष्कासित नेताओं की होगी घर वापसी!

कहा जा रहा है कि चुनाव पूर्व बीएसपी से निष्कासित किए गए नेताओं की घर वापसी भी हो सकती है। ये भी बात सामने आई है कि बीएसपी इस वक्त संगठन में पुराने और अनुशासित कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि उन नेताओं की घर वापसी हो सकती है, जो बीएसपी से निकाले जाने के बाद किसी अन्य दल या किसी अन्य प्रत्याशी के लिए काम नहीं करते दिखे हैं।

गौरतलब है कि यूपी में 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बीएसपी अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी। ऐसे में मायावती संगठन को मजूबती देने में जुटी है। इसी के तरह पार्टी के भीतर फेरबदल चल रहा है।