BRICS पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान, 'आतंकवाद के साथ धर्म को...'
दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स समिट को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बड़ा बयान दे दिया है. इस दौरान उन्होंने चीन के साथ कॉन्फ्लिक्ट को लेकर भी सवाल उठाए हैं.

भारत इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स समिट की अगुवाई कर रहा है. इस बीच पक्ष-विपक्ष की ओर से लगातार प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस बीच बड़ा बयान दे दिया है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "उन्होंने कहा है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता तो यह सब लोगों को समझना चाहिए कि आतंकवाद के साथ धर्म को नहीं जोड़ा जाना चाहिए." मसूद ने आगे कहा, "BRICS बड़ा मंच है और नया वर्ल्ड ऑर्डर में BRICS की महत्वपूर्ण भूमिका है. और BRICS में हमारी बहुत बड़ी भूमिका है.
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चीन को लेकर क्या बोले सांसद इमरान मसूद?
इमरान मसूद का कहना है, "हमारे और चीन के जो कॉन्फ्लिक्ट है उनका हल किया जाना जरूरी है, क्योंकि चीन के साथ ट्रेड हो तो चीन हमारी संप्रभुता पर हमला न करें. ब्रिक्स मजबूत होगा तो अमेरिका की दादागिरी कमजोर होगी." मसूद ने आगे यह भी कहा, "हमारा जो पिछले दिनों अमेरिका की तरफ झुकाव था उसकी वजह से हमें नुकसान हुआ, अब अच्छा है कि इस पर कुछ मरहम लगे."
बीएसपी चीफ मायावती को लेकर क्या कहा?
बीएसपी चीफ मायावती को लेकर कांग्रेस सांसद ने मजाकिया लहजे में कहा, "बहन जी कब क्या कर दें, उनका पता नहीं रहता. वह एक बंद कमरे में बैठी रहती हैं और वहीं से तार हिलाती रहती हैं. बसपा एक कमरे में चलती है वह किसी को इधर बिठाएंगे किसी को उधर से लाएंगे.
बता दें कि शनिवार को मायावती ने एक बार फिर से अपनी पार्टी में चल रहे सियासी उठापटक पर विराम लगाते हुए आकाश आनंद और ईशान आनंद पर रुख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा है कि पार्टी अब परिवार के किसी भी सदस्य को राजनीतिक रूप से फायदा नहीं पहुंचाएगी. उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार को लेकर कहा कि अकेले होने के नाते उन्हें मजबूरी में साथ के लिए रखा था.
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इसके अलावा मायावती ने यह भी कहा कि अब वे अपने किसी भी भतीजे को आनंद कुमार के कहने पर पार्टी में जगह नहीं देंगी, लेकिन आनंद कुमार की बेटी दीपिका जो वकालत की पढ़ाई कर रही हैं अगर वे राजनीति में आना चाहेंगी या आनंद कुमार कहेंगे तो उन्हें मौका दिया जाएगा. बसपा सुप्रीमो के इस फैसले से एक बार फिर परिवारवाद को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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