गोरखपुर, एबीपी गंगा। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के शहर गोरखपुर जिले की बांसगांव लोकसभा सीट से सांसद कमलेश पासवान ने मजदूर-कामगारों की मदद का जिम्‍मा उठाया है. उन्‍होंने लॉकडाउन तक दो निजी नर्सिंग होम के चिकित्‍सकों के नेतृत्‍व में रेलवे स्‍टेशन पर आने वाली श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन से उतरने वाले मजदूरों के लिए कम्‍युनिटी किचन शुरू किया है. गुरूवार को सांसद पूरे परिवार और चिकित्‍सकों के साथ स्‍टेशन पर पहुंचे. लेकिन, ट्रेन से उतरने वाले मजदूरों ने सोशल डिस्‍टेंसिंग का ख्‍याल नहीं रखा.

गोरखपुर जिले की बांसगांव लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद बने कमलेश पासवान मजदूर-कामगारों की मदद के लिए आगे आए हैं. गोरखपुर रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म नंबर दो पर दो निजी नर्सिंग होम के चिकित्‍सकों और अपने सहयोग से शुरू किए गए कम्‍युनिटी किचन को शुरू करने लिए पासवान परिवार के साथ पहुंचे. उन्‍होंने यहां पर श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन के आते ही मजदूरों और कामगारों के लिए पहले से लगाए गए लंच पैकेट, पानी और अन्‍य खाने-पीने के सामान मुहैया कराए.

इस दौरान सांसद का परिवार भी मौके मौजूद रहा. आरपीएफ और जीआरपी के सिपाहियों के साथ रेलवे की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी इस दौरान श्रमिकों और उनके परिवार के लोगों को सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने के निर्देश देते रहे. इसे लेकर सांसद भी कुछ चिंता में दिखे. लेकिन, मजदूर और कामगारों ने इसकी जरा भी चिंता नहीं की और सोशल डिस्‍टेंसिंग को तोड़ते हुए वे एक-दूसरे से सटकर आगे बढ़ते रहे.

कमलेश पासवान ने बताया कि दो नर्सिंग होम के चिकित्‍सकों की मदद से उन्‍होंने लॉकडाउन तक आने वाली श्रमिक ट्रेन के यात्रियों के लिए लंच की व्‍यवस्‍था की है. हर रोज इसी तरह से यहां पर लंच उनके लिए उपलब्‍ध रहेगा. गोरखपुर-बस्‍ती मंडल के साथ यहां पर बिहार जाने वाले यात्री भी आ रहे हैं. उन्‍हें किसी भी प्रकार की दिक्‍कत का सामना न करना पड़े इसका ख्‍याल रखा जा रहा है.

चिकित्‍सक डा. एके मल्‍ल ने बताया कि सांसद कमलेश पासवान के साथ मिलकर बाहर से आने वाले श्रमिकों को लंच पैकेट उपलब्‍ध कराने का जिम्‍मा उठाया है. उन्‍होंने बताया कि लॉकडाउन तक उनके नेतृत्‍व में ये सुविधा उपलब्‍ध रहेगी. उन्‍होंने बताया कि बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसका ख्‍याल रखने के लिए ये सेवा शुरू की गई है. किसी को भी भूखे न जाना पड़े इसका खास ख्‍याल रखा जा रहा है.