भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रतीकभूषण सिंह अपने पिता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर बात करते हुए भावुक हो गए. पहलवानों द्वारा दायर किए गए यौन शोषण के मामले में बृजभूषण को राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को बरी कर दिया. इसी मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रतीक ने कहा कि यह राजनीतिक मामला था. यह एक राजनीतिक साजिश थी. साजिश नाकाम रही.
उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली के चुनावों में हमें एक-दूसरे के आमने-सामने खड़ा किया गया. राजनीतिक फायदे के लिए 'उत्तर प्रदेश बनाम हरियाणा' और 'जाति बनाम जाति' जैसे नैरेटिव बनाए गए. दूसरे लोग तो विधानसभा या संसद में पहुंच गए. मेरे पिता वहाँ नहीं गए, लेकिन मेरे भाई गए और मुझे इस बात पर गर्व है. कल उन्होंने एक बयान दिया. उन्होंने मेरी मां और बहन के बारे में बात की. मुझे गर्व है कि उन्हें सदन में जाने का मौका मिला.
'कितना टॉर्चर हो रहा है...'
गोंडा विधायक ने कहा कि आज खुशी नहीं है बहुत ज्यादा क्योंकि 1100 दिन तक हम लोग इंतजार कर रहे थे. कल बहुत खुशी थी. हम लोगों के सिर से कितना बड़ा पहाड़ हटा है. अब काफी हल्कापन महसूस हो रहा है. मैं यूपी विधानसभा में खड़ा हूं. मेरा भाई लोकसभा में खड़ा था. इस बारे में विचार होना चाहिए कि केवल आरोप लगाने से अपराधी बना दिया जा रहा है. कितना टॉर्चर हो रहा है. अगर आदमी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होगी तो वह क्या करेगा?
सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस और दिल्ली की तत्कालीन आम आदमी पार्टी ने हमारे साथ क्या किया, हम ये कभी नहीं भूलेंगे. मैं नहीं भूलूंगा.
गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज के कमिश्नर बदले, यूपी में 13 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर
उन्होंने कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान के सदंर्भ में कहा कि उनका बयान निंदनीय था. उनको न तब कुछ पता था, न आज. पहले दिन से मेरे पिता कह रहे थे वह अपराधी नहीं हैं. प्रियंका गांधी जैसे नकली नेता पहले अपने परिवार में झांकें. दूसरों के आंदोलन को हाईजैक करने में लगे हुए लोग दूसरों के लिए गलत बात करते हैं.
