अलीगढ़, एबीपी गंगा: अलीगढ़ में राष्ट्रीय नेताओं की जनसभा ने कई बार चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए एतिहासिक नुमाइश मैदान मुफीद रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने पूर्व सांसद शीला गौतम के समर्थन में यहां चार जनसभाएं की थीं, जिनमें तीन बार शीला गौतम को जीत मिली थी।
पीएम नरेंद्र मोदी भी दो बार नुमाइश मैदान में जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में सतीश गौतम को जीत मिली और विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटें बीजेपी के खाते में आईं। अब 14 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा पर फिर भाजपाइयों की नजर टिकी है।
वर्ष 1991 में शीला गौतम बीजेपी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं और चुनाव जीता था। 1996 में फिर बीजेपी ने फिर उन पर भरोसा किया तो गांधीपार्क में अटल बिहारी वाजपेयी उनके समर्थन में जनसभा करने आए थे। तब भी शीला गौतम चुनाव जीती थीं। 1998 के चुनाव में तीसरी बार शीला गौतम के समर्थन में नुमाइश मैदान में अटल जी ने जनसभा संबोधित की तो उस उस समय भी शीला गौतम की जीत हुई थी। 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में शीला गौतम के पक्ष में अटल बिहारी ने फिर नुमाइश मैदान में जनसभा संबोधित की तब भीड़ के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस तरह शीला गौतम ने लगातार चार बार जीत दर्ज की थी।
2004 में भी पांचवीं बार बीजेपी प्रत्याशी शीला गौतम की चुनावी जनसभा को अटल जी ने संबोधित किया था मगर उन्हें जीत नहीं मिली। कांग्रेस के बिजेंद्र सिंह विजयी हुए थे। 2009 में भी शीला गौतम को हार का मुंह देखना पड़ा था। तब अटल नहीं आए थे। बसपा की राजकुमारी चौहान ने जीत दर्ज की थी।
2014 के चुनाव में सतीश कुमार गौतम के पक्ष में नरेंद्र मोदी नुमाइश मैदान में जनसभा संबोधित करने आए थे। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। सतीश गौतम ने 2.50 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी पांच फरवरी 2017 को विधानसभा चुनाव के लिए जनसभा संबोधित करने आए थे। तब भाजपा की ऐसी हवा बनी कि जिले की सातों सीटें भाजपा के खाते हमें आई थीं। अब भाजपाइयों ने निगाहें 14 अप्रैल की रैली पर हैं। पीएम अलीगढ़ के साथ हाथरस और बुलंदशहर तीनों संसदीय क्षेत्रों के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे।
