हरिद्वार में 2027 में लगने वाले मेले को सरकार कुंभ बता रही है. जबकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी का कहना है कि 2027 में कुंभ नहीं, अर्धकुंभ है. ABP गंगा से EXCLUSIVE बातचीत में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और इसके बजट को लेकर भी सवाल उठाए हैं. 

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बीजेपी नेता अशोक त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ 12 साल में आता है और उसकी तिथि तय है. 2027 में अर्धकुंभ होना है, जिसमें शाही स्नान नहीं होता. उन्होंने कहा कि मैं पहली बार देख रहा हूं कि अर्धकुंभ को कुंभ बताकर प्रचारित किया जा रहा है. अशोक त्रिपाठी ने कहा कि उनके खुलासों की वजह से अब उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है. 

सतीकुंड के जीर्णोद्धार को लेकर भी उठाए सवाल

अशोक त्रिपाठी ने सतीकुंड जीर्णोद्धार में घोटाले का आरोप लगाया और कहा कि ये काम 5 करोड़ का है लेकिन, 60 करोड़ की DPR बनाई गई है. उन्होंने कहा कि सतीकुंड के जीर्णोद्धार के लिए कार्यदायी संस्था NBCC को बनाया गया, टेंडर में 3 कंपनियां आईं और जिस जमीन पर काम हो रहा है, वो सरकारी नहीं, किसी प्राइवेट व्यक्ति की है.

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अशोक त्रिपाठी ने कहा कि इन गड़बड़ियों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मिलने की कोशिश की लेकिन, मुलाकात नहीं हुई. इसके बाद हरिद्वार विकास प्राधिकरण के लोग उनके घर का नक्शा मांगने लगे. त्रिपाठी ने कहा कि मैंने कह दिया VC से नक्शा मांगो, नहीं तो घर में बुलडोजर चला दे. उन्होंने पुलिस पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया और गंगा कॉरिडोर खोलने की मांग की. 

बता दें कि अशोक त्रिपाठी बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. वो गंगा सभा और हरिद्वार जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. इससे पहले भी सतीकुंड के सौंदर्यीकरण को लेकर गंभीर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सतीकुंड निरंजनी अखाड़े के स्वामित्व वाली भूमि है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन के कुछ हिस्से निजी व्यक्तियों के भी बेचे जा चुके हैं इसके बावजूद मेला प्रशासन ने भूमि का स्वामित्व सरकार के पक्ष में हस्तांतरित कराए बिना ही सौंदर्यीकरण का काम कराया जा रहा है.  

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