UP News: समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन के हालिया बयान चर्चा है. सपा नेता ने सावन के महीने में शुद्ध शाकाहारी भोजनालय के लिए पैंट उतरवाकर पहचान वाले मामले को पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ा. अब उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी की प्रतिक्रिया सामने आई है.
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए समाजवादी पार्टी पर मजहबी तुष्टीकरण का गंभीर आरोप लगाया है. बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेना गलत है, लेकिन सावन में शाकाहारी भोजनालय के लिए पहचान पूछने की तुलना आतंकवादियों द्वारा की गई हत्याओं से करना न केवल अनुचित है, बल्कि समाज को बांटने वाला भी है.
बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसमें आतंकियों ने कथित तौर पर लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर हत्याएं की थीं. राकेश त्रिपाठी ने इस घटना का हवाला देते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित आतंकी कृत्य था, जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को नष्ट करना था. वहीं सावन के महीने में कुछ लोग धार्मिक मान्यताओं के आधार पर शाकाहारी भोजन सुनिश्चित करने के लिए पहचान पूछ सकते हैं, जो कि उनकी व्यक्तिगत आस्था का हिस्सा हो सकता है.
वहीं बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने तर्क दिया कि इन दोनों घटनाओं की तुलना करना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह समाज में धार्मिक आधार पर तनाव पैदा करने का प्रयास भी है. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए मजहबी तुष्टीकरण की नीति अपनाती है और इस तरह के बयानों से वह सामाजिक एकता को कमजोर करती है. उन्होंने कहा कि सपा का यह रवैया देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है.