उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवनगर तुरकहिया मोहल्ले में सत्ता के रसूख और हनक का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला पर एक मान्यता प्राप्त पत्रकार विपिन त्रिपाठी और उनके परिवार के साथ सरेआम बदसलूकी, हाथापाई और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है.

Continues below advertisement

घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जी पत्रकार को गोली मार देने और जिंदा दफन करने की धमकी देते नजर आ रहे हैं. पीड़ित पत्रकार ने इस मामले में कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है.

जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ शिवनगर तुरकहिया मोहल्ले में स्थित एक जमीन का टुकड़ा है. पीड़ित मान्यता प्राप्त पत्रकार विपिन त्रिपाठी ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की सहूलियत के लिए अपने घर के सामने की जमीन पर मलबा गिरवाया था, ताकि राहगीर कीचड़ मुक्त रास्ते से आ-जा सकें.

Continues below advertisement

मऊ में विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

महेश शुक्ला को रास नहीं आई ये बात!

बताया जा रहा है कि पीड़ित द्वारा उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने और जनहित में वहां मलबा डलवाने की बात दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला को रास नहीं आई. इसी बात से नाराज होकर दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री अचानक आग-बबूला होकर अपने सहयोगियों के साथ पत्रकार के आवास पर धमक पड़े.

आरोप है कि दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला ने पत्रकार के घर पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी. जब पत्रकार और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री जी और उनके साथ आए लोगों ने पत्रकार व उनके परिवार के साथ जमकर हाथापाई की. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल कैमरों से पूरी घटना का वीडियो बना लिया.  

विपिन त्रिपाठी ने क्या दावा किया?

पीड़ित पत्रकार विपिन त्रिपाठी ने बताया कि हम अपने परिवार के साथ घर पर थे, तभी दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला अपने लाव-लश्कर के साथ आए और बिना किसी वजह के गाली-गलौज करने लगे. जब हमने मर्यादा में रहने की बात कही, तो उन्होंने मुझ पर और मेरे परिवार पर हाथ उठा दिया.

'अगर बकरे की कुर्बानी दी तो हम...', लखनऊ के कसमंडी किला बनाम मजार विवाद के बीच पासी समाज की चेतावनी

त्रिपाठी ने दावा किया कि कैमरे के सामने मुझे सरेआम जान से मारने की धमकी दी गई है. हमारा पूरा परिवार दहशत में है. हमने कोतवाली पुलिस को नामजद तहरीर देकर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है.

महेश शुक्ला ने साधी चुप्पी, पुलिस बोली- जांच के बाद कार्रवाई

इस पूरे हाई-प्रोफाइल विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर जब दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है. दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला के मोबाइल नंबर पर कई बार फोन किया गया ताकि उनका पक्ष लिया जा सके मगर उनका फोन नहीं उठ सका.

हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है. पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और तहरीर के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है, कोतवाल मोतीचंद्र ने बताया कि जांच के बाद वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.