देश की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के MA इतिहास में पूछे गए प्रश्न के बाद विवाद गहराता नजर आ रहा है. दरअसल BHU के सेमेस्टर पेपर में इतिहास के प्रश्न पत्र में ब्राह्मणवाद को लेकर एक ऐसा सवाल पूछा गया है जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक आपत्ति जताई जा रही है. हालांकि इस मामले में काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ऐसा कोई विषय उनके संज्ञान में नहीं आया है और इतिहासकार भी कुछ कहने से बचते नजर आ रहे हैं.
सेमेस्टर पेपर में ब्राह्मणवाद से संबंधित प्रश्न
ABP Live को मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सेमेस्टर पेपर के दौरान इतिहास के प्रश्न पत्र में एक सवाल पूछा जाता है जिसके बाद अब विवाद शुरू हो गया है. दरअसल वह प्रश्न है कि "ब्राह्मणवादी पितृसत्ता शब्द से आप क्या समझते हैं . चर्चा कीजिए कि किस प्रकार ब्राह्मणवादी पितृ सत्ता ने प्राचीन भारत में महिलाओं की प्रगति में बाधा डाली."
अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का दौर इसलिए भी तेज है क्योंकि बीते दिनों उत्तर प्रदेश से लेकर देश की राजनीति में कुछ ऐसे ही प्रश्न और फिल्मों के टाइटल को लेकर ब्राह्मणवाद और पंडित शब्द पर दो खेमे में लोग बटते नजर आए और अब भारत के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रश्न पत्र में ऐसे सवाल भी इस चर्चा को और बढ़ावा दे रहे हैं.
अभी संज्ञान में नहीं है ऐसा कोई मामला - प्रशासन
जब इस मामले को लेकर ABP Live ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी से बातचीत की तो उनका कहना है कि - ऐसा कोई भी विषय उनके संज्ञान में नहीं है, और जाति सूचक टिप्पणी को लेकर कुछ भी बात नहीं है. इसके अलावा विश्वविद्यालय से जुड़े इतिहासकार भी इस मामले पर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं. जबकि कांग्रेस पार्टी ने अब इसको लेकर सवाल खड़ा किया है - उनका कहना है कि विवादित प्रश्न है और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है.
