बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को है. इससे पहले यूपी की सियासत तेज हो गई है. शुक्रवार (13 मार्च) को लखनऊ में राहुल गांधी की मौजूदी में मंच से प्रस्ताव रखा गया कि बसपा के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए. इस प्रस्ताव को यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट बैंक की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. 

Continues below advertisement

लखनऊ में आयोजित मान्यवर कांशीराम जयंती पर सामाजित परिवर्तन दिवस कार्यक्रम में राहुल गांधी शामिल हुए. जब ये प्रस्ताव रखा गया तब राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे. मंच से ये भी कहा गया कि राहुल गांधी जब भी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो ये काम होकर रहेगा. अब इस पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

जीवित रहते कांग्रेस ने कभी सम्मान नहीं दिया- बीजेपी

बीजेपी ने कहा कि जब तक कांशीराम जीवित रहे, कभी कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया. आज दलित वोट बैंक के लिए ऐसी बात कर रहे हैं. बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को तब भारत रत्न  मिला जब देश से कांग्रेस की सरकार हटी औऱ जनता दल के नेतृत्व की सरकार बनी. उसके पहले कांग्रेस ने गांधी परिवार को कइयों को भारत रत्न दिया था. बीजेपी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि वो पहले गिरेबान में देखें.

Continues below advertisement

CEC ज्ञानेश कुमार की तैयारी में विपक्ष, अखिलेश यादव का बड़ा बयान, 'हमारी पार्टी इसके...' 

नेहरू जिंदा रहे होते तो कांशीराम कांग्रेस के सीएम होते- राहुल गांधी

'कांशीराम सीएम होते' वाले राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सीएम बनाने की बात बहुत हास्यास्पद है. उन्होंने जिनको भी सीएम बनाया है, उससे गांधी परिवार के जूते और चप्पल उठवाए हैं. इससे सम्मान नहीं बल्कि अपमान ही होता. दरअसल, लखनऊ के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि अगर पंडित जवाहर लाल नेहरू जिंदा रहे होते तो कांशीराम कांग्रेस से सीएम होते.

बता दें कि 15 मार्च को दलितों के बड़े नेता कांशीराम की जयंती मनाई जाती है. कांशीराम को 'मान्यवर' नाम से सम्मान के साथ याद किया जाता है. यूपी की सियासत में कांशीराम के नाम का अपना खास महत्व है. 

PM किसान: यूपी के 2.15 करोड़ किसानों की आज होगी बल्ले-बल्ले, खातों में आएंगे 4335 करोड़ रुपये