'भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा जीतना..', अखिलेश यादव के 100 विधायक वाले ऑफर पर बोले संजय निषाद
Sanjay Nishad: यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक लाने के ऑफर पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दोनों डिप्टी सीएम को सौ विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दिया हैं, जिस प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है. सपा मुखिया के ऑफर पर यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने तीखा हमला किया और उन्हें हवाबाज नेता बताया. निषाद ने कहा कि भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते.
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी और अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व ने जो बयान दिया है उससे ही साफ है कि उनके पास खुद सरकार बनाने की ताकत नहीं है.
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
संजय निषाद ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने. देख रहे हैं. एक बात तो साफ है कि PDA संकट में ही है और यदि यही स्थिति रही तो 2027 के चुनाव में उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा.
कैबिनेट मंत्री ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा कि वो असली पहलवान तैयार करते थे, संगठन को खड़ा करते थे और ज़मीन पर संघर्ष करते थे. जबकि, आज अखिलेश यादव 'भाड़े के पहलवानों' के सहारे अखाड़ा जीतना चाहते है, जो संभव नहीं है.
शंकराचार्य विवाद पर कही ये बात
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद, बटुकों की शिखा खींचने और उनकी गिरफ्तारी की चर्चा पर संजय निषाद ने कहा कि शंकराचार्य हमारे साथ-साथ पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय और आराध्य हैं. इसलिए उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस घटना से समाज आहत हैं. लेकिन, अब कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सबके सामने आएगी.
उन्होंने कहा कि सीएम योगी इस मुद्दे पर अपनी पक्ष पहले ही रख चुके हैं. पूरा मामला कानून के दायरे में है और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी. शंकराचार्य और बटुकों के साथ हुई बदसलूकी के लिये जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए.
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