भदोही में गर्भवती गाय की नृशंस हत्या, कुत्ते नोंच रहे थे शव, धड़ गायब
यूपी के भदोही में एक गाय की नृशंस हत्या कर दी गई, जिसके बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. गाय का शव घर से थोड़ी दूरी पर मिला, जहां उसका सिर्फ और गर्दन ही पड़ी थी, जबकि पूरा हिस्सा ग़ायब था.

यूपी के भदोही से मानवता को शर्मसार कर देने वाली दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां चौरी थाना क्षेत्र के धनवतिया गोपालपुर गांव में एक गर्भवती गाय की बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोपियों ने न केवल गाय के शरीर के सिर और हड्डी छोड़ सभी हिस्से काट लिये बल्कि उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे को भी गायब कर दिया. इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
पीड़ित परिवार के जय प्रकाश पटेल ने बताया कि उनके पास दो गायें थीं. उनमें से एक गर्भवती गाय, जो करीब 11 दिन बाद बच्चा देने वाली थी. 6 सितंबर की रात को उनकी गाय अचानक गायब हो गई. काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला. अगली सुबह परिजनों को सूचना मिली कि घर से करीब 100 मीटर दूर अर्जुनपुर रजपुतान गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित एक खंडहर मकान में गाय के अवशेष पड़े हैं.
मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि आवारा कुत्ते अवशेषों को नोच रहे थे. गाय का सिर और गर्दन छोड़ सारा हिस्सा ग़ायब था. यहां तक की गाय का बच्चा भी नहीं था. इस घटना को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. ग़ुस्साए लोगों ने अर्जुनपुर त्रिमुहानी पर चक्का जाम कर दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों की मांग है कि इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.
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परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज
मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने अवशेषों को कब्जे में लिया और कार्रवाई शुरू की. क्षेत्राधिकारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 7 सितंबर की सुबह कल्लू पटेल की शिकायत पर शुरुआती सूचना दर्ज की गई थी. प्राथमिक विद्यालय के पास खंडहर में गाय का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला. पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है.
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराएं जोड़ दी गई हैं. पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
एक तरफ योगी सरकार प्रदेश में गोवंश की सुरक्षा के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ इस जघन्य वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले में लीपापोती करने की कोशिश की. लेकिन, जब ग्रामीणों का गुस्सा भड़का तब जाकर सख्त धाराएं जोड़ी गईं.





















