उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के रुधौली नगर पंचायत में भ्रष्टाचार का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. समाजवादी पार्टी के नेता और नगर पंचायत चेयरमैन धीरशेन निषाद पर ठेकेदार नंदलाल ने जिला अधिकारी के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है. रिश्वत देने के बावजूद ठेकेदार का भुगतान अटका हुआ है, जिससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे नंदलाल अपने दो मासूम बच्चों के साथ डीएम कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं.

ठेकेदार के धरने से स्थानीय प्रशासन में हड़कम्प मच गया है. और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

क्या है पूरा मामला?

मामला रुधौली नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9, शिव गुलाम सिंह नगर, में तालाब सौंदर्यीकरण, 20 चबूतरे, और सीढ़ी के लिए 39 पीलर के कार्य से जुड़ा है. ठेकेदार नंदलाल ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने गोनिल कंस्ट्रक्शन फर्म के प्रोपराइटर राकेश चौधरी से इस कार्य का मौखिक अनुबंध किया था. 29 लाख रुपये की इस योजना का उद्देश्य वार्ड को स्वच्छ और सुंदर बनाना था. नंदलाल ने बिना भुगतान के काम शुरू किया, लेकिन जब नगर पंचायत से 6 लाख रुपये का भुगतान हुआ, तो राकेश ने नंदलाल को मात्र 2 लाख रुपये दिए. इसके बाद चेयरमैन धीरशेन निषाद और बाबू प्रेम प्रकाश ने कथित तौर पर डीएम के नाम पर उनसे 2 लाख रुपये (1 लाख खाते में और 1 लाख नकद) वापस ले लिए.

पांच साल बाद भी योजना पूरी नहीं हुई, और ठेकेदार नंदलाल का बकाया भुगतान अटका हुआ है. आर्थिक तंगी के कारण उनके बच्चे दो महीने से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, और परिवार के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है. हताश होकर नंदलाल अपने बच्चों के साथ डीएम कार्यालय में धरने पर बैठ गए. नंदलाल के मासूम बेटे ने बताया कि पापा के पास पैसा नहीं है, इसलिए हमारी पढ़ाई छूट गई. खाने तक के लिए पैसे नहीं हैं. हम डीएम से न्याय मांगने आए हैं.

एडीएम ने दी कार्रवाई की चेतावनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्ती के जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता ने एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान को जांच सौंप दी है. एडीएम ने बताया कि नंदलाल का आरोप है कि चेयरमैन धीरशेन निषाद ने डीएम के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत ली और भुगतान नहीं किया. टेक्निकल टीम से जांच कराई जा रही है, और रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित योजना अभी पूरी नहीं हुई है, जिसके आधार पर भुगतान का विवाद है.

चेयरमैन धीरशेन निषाद का पक्ष

रुधौली नगर पंचायत चेयरमैन और समाजवादी पार्टी नेता धीरशेन निषाद ने आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि नंदलाल को नगर पंचायत से कोई कार्य नहीं दिया गया, और वह मौखिक रूप से काम कर रहे थे. भुगतान की जिम्मेदारी गोनिल कंस्ट्रक्शन फर्म की है, जिसे कार्य सौंपा गया था. डीएम के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप पर उन्होंने कहा कि मैंने नंदलाल से कोई पैसा नहीं लिया. अगर उनके पास कोई साक्ष्य है, तो मैं दोषी होऊंगा, वरना अनर्गल आरोप लगाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करूंगा.

ठेकेदारों की शिकायत, भ्रष्टाचार पर सवाल

नंदलाल और राकेश चौधरी दोनों ने चेयरमैन धीरशेन निषाद के खिलाफ जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की है. उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण योजना अधूरी है, और उनका बकाया भुगतान रुका हुआ है. इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों और ठेकेदारों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.