'सबका जीजा' बोलकर करता था प्रताड़ित, बस्ती के कोतवाल पर महिला सिपाही ने लगाए गंभीर आरोप
UP News: बस्ती में महिला कांस्टेबल ने कोतवाल पर अभद्र व्यवहार और प्रताड़ना का आरोप लगाया. जांच में कुछ आरोप सही पाए गए, जिसके बाद इंस्पेक्टर को हटाकर विभागीय जांच शुरू कर दी गई.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पुलिस विभाग के अंदर का एक मामला अब खुलकर सामने आया है. कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद चौधरी पर एक महिला कांस्टेबल ने गंभीर आरोप लगाए हैं. बताया जा रहा है कि महिला कांस्टेबल मेनका चौहान अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए छुट्टी मांगने कोतवाल के पास गई थीं. आरोप है कि छुट्टी देने के बजाय इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्र भाषा में बात की और गालियां दीं.
'सबका जीजा' कहकर करते थे टिप्पणी
पीड़िता का कहना है कि कोतवाल महिला स्टाफ के साथ अक्सर आपत्तिजनक तरीके से पेश आते थे. वह खुद को “सबका जीजा” बताकर महिला कर्मियों पर दबाव बनाते थे. शिकायत में यह भी कहा गया कि जो महिला कर्मचारी उनकी अनुचित बातों का विरोध करती थीं, उन्हें ड्यूटी और अन्य तरीकों से परेशान किया जाता था.
महिला कांस्टेबल ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि कोतवाल ने एक दिन उन्हें डराने के लिए ऑफिस की लाइट बंद कर दी और मारने के लिए दौड़े. इस घटना से वह काफी घबरा गईं. इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया.
डीआईजी कार्यालय पहुंची पीड़िता
मामले को लेकर महिला कांस्टेबल डीआईजी संजीव त्यागी के कार्यालय पहुंचीं और रोते हुए पूरी घटना बताई. डीआईजी ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए. जांच त्रिनेत्र सेल को सौंपी गई.
त्रिनेत्र सेल की रिपोर्ट में कुछ आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए. इसके बाद पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर दिनेश चंद चौधरी को कोतवाली से हटाकर त्रिनेत्र सेल भेज दिया. हालांकि एसपी का कहना है कि बदसलूकी के कुछ आरोपों में सच्चाई नहीं मिली, लेकिन अन्य आरोपों की पुष्टि हुई है.
फिलहाल इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. इस मामले ने पुलिस विभाग के अंदर महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
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Source: IOCL

























