चार दिव्यांग बच्चों का दर्द देख पसीजा दिल, CM योगी ने बदल दी जिंदगी
बस्ती में चार दिव्यांग बच्चों वाले गरीब परिवार की परेशानी सामने आने पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया. जिसके बाद प्रशासन ने पक्का मकान, राशन, पेंशन, व्हीलचेयर, शिक्षा और उज्ज्वला योजना का लाभ दिलाया है.

उत्तर प्रदेश में बस्ती जिले के वार्ड नंबर 10 भगत सिंह नगर के भैरोपुर में लंबे समय से बदहाली में रह रहे एक परिवार की जिंदगी में अब उम्मीद की नई रोशनी आई है. चार दिव्यांग बच्चों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे रामकिशन पांडे के परिवार की परेशानी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया. उनके निर्देश पर जिला प्रशासन ने परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाते हुए कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं.
रामकिशन पांडे का परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा था. घर में चार बच्चे पूरी तरह से दिव्यांग हैं, जबकि रामकिशन खुद भी शारीरिक रूप से अस्वस्थ बताए गए हैं. परिवार के पास पक्की छत तक नहीं थी. बारिश के दौरान झोपड़ी की छत से पानी टपकता था. बच्चों का पेट पालने की जिम्मेदारी मां पर थी और हालात इतने खराब थे कि उन्हें दूसरों से मदद मांगनी पड़ती थी.
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सीएम के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय
मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बस्ती जिला प्रशासन की टीम गांव पहुंची. प्रशासन ने परिवार की स्थिति का जायजा लेकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई शुरू की. परिवार को कांशीराम आवास योजना के तहत पक्का मकान आवंटित किया गया. इससे परिवार को लंबे समय से चली आ रही आवास की समस्या से राहत मिली है.
बच्चों को व्हीलचेयर और शिक्षा का सहारा
प्रशासन ने दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को देखते हुए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई. परिवार के बड़े बेटे अंकुर की दिव्यांग पेंशन भी स्वीकृत की गई है. बच्चों के भविष्य को देखते हुए उनका स्कूल में दाखिला कराया गया है. प्रशासन के मुताबिक बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी भी सरकार की योजनाओं के तहत सुनिश्चित की जाएगी.
राशन और उज्ज्वला का भी मिला लाभ
परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड और आय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन भी दिलाया गया है. सरकारी मदद मिलने के बाद परिवार ने राहत जताई है. जिस मां को बच्चों का पेट पालने के लिए मदद मांगनी पड़ती थी, अब उसे पक्की छत, राशन, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिल गया है.
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