Adulterated Sweets: बस्ती (Basti) जिले का शहरी इलाका हो या ग्रामीण हर जगह होली (Holi) से पहले बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थ और मिठाइयां बिक रही हैं. इन मिठाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए फूड विभाग (Food Department) बना है, लेकिन मिलावटी मिठाइयों को लेकर दुकानदारों के खिलाफ वह भी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा. होली से पहले लोग मिठाइयों की खरीदारी भारी मात्रा में कर रहे हैं लेकिन उन्हें नहीं पता कि मिठाई के रूप में दुकानदार उन्हें मीठा जहर बेच रहे हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक बस्ती के बड़े दुकानों में कानपुर से नकली खोया मंगवाया जा रहा है और उसकी मिठाइयां बनाई जा रही हैं. हमने जब इसकी पड़ताल शुरू की तो सारी सच्चाई सामने आ गई. बस्ती रोडवेज के सामने मंडी में धड़ल्ले से मिलावटी खोया बेची जा रही है. एक स्टिंग ऑपरेशन में खोया बेच रहे दुकान वाले ने बताया कि कानपुर से मिलावटी खोया आता है जो खाने लायक नहीं है. इसके अलावा नवाबगंज और गोरखपुर का खोया कानपुर से थोड़ा अच्छा और महंगा होता है. दुकानदार ने मिलावटी खोये की पुष्टि करते हुए कहा कि जैसी कीमत दी जाती है उसी अनुसार का सामान वे बेचते हैं.

कार्रवाई से बचे हुए हैं बड़े दुकानदारदुकानों में नकली खोये से बनी मिठाइयों की भरमार है. हाल यह है कि असली और नकली मिठाइयों में खरीदार फर्क नहीं कर पा रहे. जिला फूड अधिकारी अवूर्प श्रीवास्तव खुद स्वीकार करते है कि शहर में रोडवेज की बसों और निजी वाहनों से बाहर से खोया मंगाया जाता है. कम खर्चे में तैयार मिठाइयों को शहरी और ग्रामीण इलाकों की दुकानों तक पहुंचाया जाता है. शहर में मिलावटी खोये के कारोबारियों का रैकेट पूरी तरह से सक्रिय है. यहां मांग के अनुसार खोये को दुकानों पर पहुंचाने का काम होली पर तेजी से चल रहा है. बताया जा रहा है कि फूड डिपार्टमेंट केवल छोटे दुकानों पर ही कार्रवाई कर रहा है जबकि बड़े दुकानदार इसकी पहुंच से दूर हैं.

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