बरेली में जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' अभियान को लेकर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसके बाद शासन स्तर से एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई.

उप्र के गृह विभाग ने शनिवार (27 सितंबर) को एक आदेश जारी कर सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं के एसएमएस संदेशों के साथ-साथ मोबाइल इंटरनेट/डेटा सेवा और ब्रॉडबैंड सेवाओं (एफटीटीएच, एडीएसएल, डीएसएल, या वायरलेस) को प्रतिबंधित कर दिया था.

व्यापारियों का कारोबार प्रभावित

यहां के व्यापारियों का अनुमान है कि इंटरनेट बंद होने से कई सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है और खुदरा विक्रेताओं से लेकर थोक विक्रेताओं तक की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं. शॉपिंग मॉल में ग्राहकों की संख्या में भी भारी कमी आई है.

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, जो लोग पहले इंटरनेट कनेक्टिविटी के महत्व को कम आंकते थे, अब उन्हें दैनिक कार्यों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका का एहसास हो गया है. बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बाधित होने व एटीएम बंद होने के कारण ग्राहक तात्कालिक लेन-देन भी नहीं हो कर पा रहे हैं.

बैंकिंग सेवाएं ठप

एचडीएफसी क्लस्टर प्रमुख अरविंद शर्मा ने बताया कि पहले व्यापारी और बुजुर्ग लोग अपने घरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेन-देन कर पाते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं है. उन्होंने पुष्टि की कि बैंकिंग प्रणाली प्रभावित हुई है और उपभोक्ताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

भारतीय उद्योग संघ (आईआईए) के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा, 'बड़े व्यवसायी पड़ोसी जिलों के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं, लेकिन छोटे व्यापारी और उपभोक्ता इस व्यवधान का खामियाजा भुगत रहे हैं.' 

कारोबारियों का क्या कहना है?

केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा कि दवाओं का थोक व्यापार ठप हो गया है. कैलाश चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव पांडेय ने कहा कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों को इंटरनेट पर निर्भरता के कारण इलाज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

बरेली में रेडीमेड गारमेंट्स के प्रमुख व्यापारी नरेंद्र गुप्ता ने कहा, 'यह पहली बार है जब हमें इंटरनेट कनेक्टिविटी के महत्व का सही मायने में एहसास हुआ है.' उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान 'तीन दिनों से वीरान' हैं और शॉपिंग मॉल भी प्रभावित हुए हैं.

 फुटवियर के थोक विक्रेता मीरान रियासत ने बताया कि आसपास के जिलों के व्यापारियों ने खरीदारी के लिए बरेली आना बंद कर दिया है और इंटरनेट बंद होने के कारण खरीदारों को बिल नहीं मिल पा रहा है.

अस्पताल में मरीज की बेटी ने क्या कहा?

एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में भर्ती कल्पना सिंह की बेटी नीलू सिंह ने बताया कि उन्हें अपनी मां को अस्पताल से छुट्टी दिलाने के लिए एक लाख रुपये देने हैं, लेकिन इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रही हैं.उन्होंने बताया कि भुगतान नहीं कर पाने से मां (कल्पना) को अस्पताल से छुट्टी मिलने में देरी हो रही है.

छोटे उपभोक्ता भी बारकोड का इस्तेमाल करके भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे नियमित लेन-देन प्रभावित हो रहा है. ज़िला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण (बैनामा) भी प्रभावित हुआ है. प्रशासनिक अधिकारी ने यह भी बताया कि एटीएम सेवाओं के बाधित होने से, खासकर निम्न आय वर्ग के लोगों को मुश्किलें हुई हैं.