उत्तर प्रदेश बाराबंकी जनपद के बदोसराय इलाके में मंगलवार सुबह सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के बाद अब इस मामले में नई जानकारियां सामने आ रही हैं. दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक रामलखन के घर जब NIA और ATS की टीमें पहुंचीं तो परिजनों के साथ-साथ पूरा गांव सन्न रह गया. घर की सघन तलाशी के बाद अब युवक की पृष्ठभूमि और परिजनों के बयान इस मामले में नया मोड़ दे रहे हैं.

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रामलखन के छोटे भाई शिवम ने छापेमारी का आखों देखा हाल साझा किया है. शिवम के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे वह और उसकी बहन घर पर ही थे, तभी अचानक 15 से 20 पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए. उन्होंने हमसे कुछ भी नहीं कहा और सीधे घर में तलाशी लेनी शुरू कर दी. करीब एक घंटे तक घर का कोना-कोना खंगाला गया और फिर टीमें वहां से चली गईं.

कौन है रामलखन रावत

जांच एजेंसियों की रडार पर आए राम लखन रावत की प्रोफाइल एक सामान्य ग्रामीण युवक जैसी दिखती है, जिससे ग्रामीण और भी हैरान हैं. रामलखन ने सुंदरलाल डिग्री कॉलेज से स्नातक (BA) की पढ़ाई पूरी की है. वह वर्तमान में दिल्ली की एक छोटी बाइक निर्माण कंपनी में काम करता था. चार भाइयों और दो बहनों के भरे-पूरे परिवार में वह दूसरे नंबर का बेटा है. उसकी मां फिलहाल सफेदाबाद के हिंद अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका ऑपरेशन हुआ है. पिता अस्पताल में मां के साथ हैं.

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अस्पताल से उठाया गया

बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों ने रामलखन को उस वक्त हिरासत में लिया जब वह अस्पताल में अपनी मां की देखभाल कर रहा था. वहां से टीम उसे सीधे खोर एत्महादपुर स्थित उसके घर ले गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टीम अपने साथ आधुनिक मेटल डिटेक्टर और सर्चिंग मशीनें लेकर आई थी. हालांकि घंटों चली इस मशक्कत के बाद घर से कोई आपत्तिजनक सामान मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

गांव में फैला सस्पेंस

छापेमारी के बाद गांव में सस्पेंस का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि रामलखन एक सामान्य युवक था और उसके बारे में कभी कोई शिकायत नहीं मिली. अचानक सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई ने सभी को हैरान कर दिया है. फिलहाल एजेंसियां इस मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है.