बाराबंकी में पीएम मोदी और सीएम योगी की अपील का बड़ा असर, पैदल कोर्ट पहुंचे न्यायाधीश
Barabanki News In Hindi: पीएम मोदी और सीएम योगी की अपील के बाद बाराबंकी की न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव सहित जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीश अपने आवास से पैदल चलकर कचहरी पहुंचे.

बाराबंकी में आज जिला न्यायालय से एक अनोखी और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई. जहां आमतौर पर अधिकारी सरकारी वाहनों से दफ्तर पहुंचते हैं, वहीं आज जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव सहित जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीश अपने आवास से पैदल चलकर कचहरी पहुंचे. इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पेट्रोल और डीजल की बचत करना ही नहीं बल्कि बिजली की कम खपत और ऊर्जा संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी रहा.
विश्व स्तर पर बढ़ती पेट्रोलियम संकट और बिजली की खपत को देखते हुए जिला न्यायालय के न्यायाधीशों ने यह निर्णय लिया कि यदि छोटी दूरी तय करनी हो तो वाहनों का प्रयोग कम किया जाए. इसी सोच के साथ आज सभी न्यायाधीश पैदल कचहरी पहुंचे और समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया.
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पीएम मोदी के अपील के बाद शुरू की पहल
जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने बताया कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया था. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी लगातार लोगों से पेट्रोल और ऊर्जा की बचत करने की अपील की जाती रही है. उसी अपील को ध्यान में रखते हुए न्यायालय परिवार ने यह पहल शुरू की है.
आम जनता को संदेश देने के लिए की पैदल यात्रा
उन्होंने कहा, “विश्व स्तर पर पेट्रोलियम और बिजली की समस्या को देखते हुए हम लोगों ने यह तय किया कि हम पैदल ही कचहरी आएंगे ताकि पेट्रोल की बचत हो सके. साथ ही बिजली की खपत भी कम से कम हो. प्रधानमंत्री मोदी की भी यह अपील रही है कि लोग पेट्रोल की बचत करें. इसी उद्देश्य से जनमानस को संदेश देने के लिए हम लोगों ने पैदल यात्रा की है. आगे भी कोशिश रहेगी कि हम पैदल ही कचहरी आएं क्योंकि सभी के आवास पास में ही हैं.”
जिला न्यायालय की इस पहल की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है. लोगों का कहना है कि जब न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी खुद आगे बढ़कर ऊर्जा संरक्षण का संदेश दे रहे हैं तो आम नागरिकों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए. वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की खपत और बिजली संकट को देखते हुए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छोटी दूरी के लिए लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और बिजली की अनावश्यक खपत रोकें तो इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि देश की ऊर्जा जरूरतों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
बाराबंकी जिला न्यायालय की यह पहल अब सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का संदेश बन चुकी है.
























