बाराबंकी जिले के कुर्सी क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश सचिव अफसर अली को उनके ही भतीजे ने गोली मार दी. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि अली को गंभीर हालात में लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत नाजुक है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अफसर अली अपने गांव लोहराहर के पड़ोस में स्थित एक गांव में किसी परिचित के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होने गये थे. उन्होंने बताया कि वहां से लौटने के बाद अली गांव की एक दुकान के पास ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे, तभी उनका सगा भतीजा उबैद वहां पहुंचा और तमंचे से उन पर गोली चला दी. गोली के छर्रे सीने में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गये.
अफसर अली को अस्पताल में कराया गया भर्ती
उन्होंने बताया कि परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. घटना की सूचना मिलते ही गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया. फतेहपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की.
संपत्ति विवाद में वारदात को अंजाम
पुलिस क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला संपत्ति बंटवारे के पुराने विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपी उबैद को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
वहीं कोतवाल कृष्णकांत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसका अपने चाचा अफसर अली से जमीन को लेकर विवाद था. इसी रंजिश के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया. इस मामले में उबैद समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है. अफसर अली लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली पार्टी राष्ट्रीय लोकदल में प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत हैं.