उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हिंदू लड़कियों और किशोरियों के कथित धर्मांतरण और अनैतिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में दो अधिवक्ता भाइयों कमर हयात इदरीसी और जफर हयात के खिलाफ जिला प्रशासन और साथी वकीलों ने कड़ा रुख अपनाया है. फरवरी 2026 के मध्य लखनऊ में हुई इस घटना ने पूरे जिले में तनाव और आक्रोश पैदा कर दिया है.

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लखनऊ पुलिस ने एक स्पा सेंटर से जुड़े मामले की जांच के दौरान इन दोनों भाइयों का नाम सामने आने के बाद कमर हयात इदरीसी को हाल ही में बाराबंकी से गिरफ्तार किया था. जिसके बाद स्थानीय वकीलों ने खासा हंगामा किया था. उनके कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी.

चैंबर से फेंक दिया था सामान  

बाराबंकी में धर्मान्तरण के आरोपों में घिरे वकीलों की खबर पहुंचनें के बाद न्यायालय परिसर और रजिस्ट्री कार्यालय पहुंची, साथी अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और 17 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में वकील सदर रजिस्ट्री कार्यालय में जमा हुए और आरोपी भाइयों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया. उत्तेजित वकीलों ने कमर हयात और जफर हयात के चैंबरों में घुसकर सारा सामान बाहर निकाल दिया. और वकीलों ने आरोपियों की मेज, कुर्सियां और अन्य फर्नीचर को खुले परिसर में रखकर आग के हवाले कर दिया था.

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स्थानीय अधिवक्ता समुदाय ने इन दोनों भाइयों को पेशेवर रूप से बहिष्कृत करने और रजिस्ट्री कार्यालय में उनके प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया. कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में आगजनी की घटना हुई है. कोर्ट परिसर और रजिस्ट्री कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई और हिंसक घटना न हो. पुलिस अब इन आरोपियों के नेटवर्क और धर्मांतरण के पीछे के संभावित सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है.

हिन्दू संगठनों ने NSA लगाने की मांग की

लखनऊ पुलिस और बाराबंकी पुलिस इस मामले में समन्वय कर रही हैं. डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है, हालांकि कुछ वर्गों ने बिना अदालती जांच के सार्वजनिक दंड दिए जाने पर चिंता भी जताई है.  हिंदू संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है और दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने जैसी सख्त सजा की मांग की है. स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि वकालत जैसे पवित्र पेशे की आड़ में इस तरह के घिनौने अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वर्तमान में, मुख्य आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और उनके कार्यालय पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी है.  बाराबंकी में कथित धर्मांतरण मामले में दो अधिवक्ता भाइयों के खिलाफ अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं. रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता प्रणव पांडे का कहना है ऐसे आरोपियों को ईमानदार अधिवक्ता बर्दाश्त नहीं करेगा.