Bahraich News: उत्तर प्रदेश के कई जिले बाढ़ का कहर झेल रहे हैं. सैकड़ों गांवों में बाढ़ से हजारों लोग परेशान हैं. कहीं प्रशासन ग्रामीणों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है, तो कहीं अभी भी बाढ़ पीड़ितों को दूर-दूर तक मदद नहीं मिल पा रही है. यूपी के बहराइच के एक गांव में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. राहत सामग्री न मिल पाने की वजह से ग्रामीण प्रशासन से खासा नाराज हैं. ऐसे में करीब 3 हजार लोगों ने सांसद और तहसील का घेराव कर लिया और अपनी मदद की अपील की. 

मामला बहराइच के मोतीपुर तहसील का है. यहां पर तकरीबन 3 हजार से ज्यादा बाढ़ पीड़ितों ने राहत सामग्री की मांग को लेकर जिले के सांसद अक्षयबर लाल गौड़ और तहसील का घेराव कर लिया. सांसद का घेराव कर रहे पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ की वजह से उनका सब कुछ बर्बाद हो चुका है, लेकिन तहसील प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें राहत सामग्री नहीं मिल सकी है. आरोप है कि राहत सामग्री उन जगहों पर पहुंचाई जा रही है, जहां बाढ़ का कोई प्रकोप ही नहीं था. 

यह भी पढ़ें: Gorakhpur News: गोरखपुर में जिला पंचायत सदस्य ने किया 'तमंचे पर डिस्को', डीजे की धुन पर हवा में बरसाईं गोलियां, केस दर्ज

चहेतों को राहत सामग्री बांटने का आरोपमोतीपुर तहसील की जनता का यह भी आरोप है कि विधायक प्रतिनिधि अपने चहेतों को बाढ़ राहत सामग्री वितरण करवा रहे हैं, जबकि कई हजारों की संख्या में बाढ़ पीड़ित लगातार राहत सामग्री की आस में बैठे हुए हैं और उन तक कुछ नहीं पहुंच रहा. 

उप जिला अधिकारी को हटाए जाने की मांगबड़ी बात यह है कि 12 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्हीं इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था और प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाते हुए यह निर्देशित किया था कि बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री समय से पहुंचाई जाए. आरोप है कि इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देशों को भी दरकिनार किया गया. इस वजह से सोमवार को 3 हज़ार से ज्यादा की संख्या में तहसील पहुंचे बाढ़ पीड़ित सांसद का घेराव कर रहे हैं और तत्काल उप जिला अधिकारी को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं. 

वहीं, बहराइच के सांसद अक्षयबर लाल गौड़ का कहना है कि जनता तक राहत सामग्री नहीं पहुंची है, जिसकी वजह से जनता में बेहद आक्रोश में हैं. मामले की जांच की जा रही है और पता किया जा रहा है कि ऐसा किसकी वजह से हुआ है.