उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित सैयद सालार गाजी मसूद की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले पर प्रशासन की रोक के आदेश पर अब प्रदेश की राजनीति गरमाती नजर आ रही है. अब इस पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने इस पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने मेले की अनुमति न मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है.

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दरअसल, यूपी के बहराइच स्थित दरगाह हजरत सैयद सालार मसूद गाजी पर पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने पहले जियारत की, फिर चादर चढाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी का एक भी विधायक बहराइच की किसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंच गया तो फिर मेला लगने से कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है. वहीं, एआईएमआईएम नेता शौकत अली ने महाराजा सुहेलदेव को लेकर भी विवादित टिप्पणी की है.

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'कोई माई का लाल नहीं रोक सकता मेला'

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी का एक भी विधायक बहराइच की किसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचा तो फिर मेला लगने से कोई माई का लाल रोक नहीं सकता.

'दरगाह पर मुस्लिमों से ज्यादा हिंदुओं की आस्था'

हालांकि, अपने बयान में शौकत अली ने यह भी कहा कि बहराइच का यह मेला सैकड़ों वर्षों से चला आ रहा है. इसमें सभी धर्मों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. उन्होंने दावा किया कि दरगाह पर सबसे ज्यादा हिंदू समुदाय के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं.

महाराजा सुहेलदेव की जाति पर खड़े किए सवाल

इसके अलावा शौकत अली ने महाराजा सुहेलदेव को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि सुहेलदेव ने भारत के लिए कौन सी लड़ाई लड़ी है, साथ ही उन्होंने सुभासपा प्रमुख उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर निशाना साधा है. शौकत अली ने कहा कि पहले ये तय किया जाए कि सुहेलदेव की जाति क्या थी.

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