उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (21 जुलाई) को बहराइच पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में बहराइच एक महत्वपूर्ण जनपद है. उन्होंने कहा कि साल 2009 से पहले बहराइच केवल एक आकांक्षी जिला बनकर रह गया था और यहां भू-माफिया समेत अन्य माफियाओं का बोलबाला था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी महाराजा सुहेलदेव के गौरव को सम्मान नहीं दिया, जबकि देश को लूटने वाले गाजी के नाम पर मेला आयोजित किया जाता था.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसी भी आक्रांता के नाम पर मेला नहीं लगने दिया और आगे भी ऐसे किसी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर महाराजा सुहेलदेव ने गाजी को पराजित किया था, वहीं उनका भव्य स्मारक बनाया गया है. उन्होंने बताया कि आज बहराइच में सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज और बालार्क ऋषि के नाम पर अस्पताल संचालित हो रहा है.

उन्होंने कहा कि बाराबंकी से बहराइच तक फोर लेन सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है. कृषि के क्षेत्र में प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में चौथा स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि 12 कस्तूरबा विद्यालयों को अपग्रेड किया गया है और भरतपुरा में विस्थापित दलित एवं वंचित समाज के 500 परिवारों के लिए कॉलोनी बनाई गई है.

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साल 2017 से पहले किसान आत्महत्या करता था और बेटियां नहीं थी सुरक्षित 

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी सरकार थी, जिसमें 'बबुआ' 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तैयार होते थे और शाम को महफिल सजती थी. उस समय किसान आत्महत्या करता था, बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे, सड़क, बिजली और राशन की व्यवस्था बदहाल थी तथा त्योहारों पर उपद्रव होते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विकास के लिए पैसा आता था, लेकिन भ्रष्टाचार में खर्च हो जाता था.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी तुष्टिकरण के सुशासन के लिए काम कर रही है और किसी का चेहरा या जाति देखकर निर्णय नहीं लेती. उन्होंने कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की जगह या तो जेल है या फिर जहन्नम. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच भगवान राम के पुत्र की राजधानी श्रावस्ती, महाराजा सुहेलदेव और बालार्क ऋषि की कर्मभूमि है.

उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में उपद्रव नहीं बल्कि उत्सव होता है. साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोग दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपाते थे, जबकि आज अयोध्या, बहराइच या उत्तर प्रदेश का निवासी बताने पर लोग सम्मान के साथ गले लगाते हैं.

मगरमच्छ और तेंदुए के हमलों से होने वाली जनहानि रोकने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मच्छरों और माफियाओं पर नियंत्रण किया है, लेकिन मगरमच्छ और तेंदुए के हमलों से होने वाली जनहानि रोकने के लिए प्रशासन को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन घरों में दरवाजे नहीं हैं, वहां दरवाजे लगवाए जाएं.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आदमखोर या खतरनाक वन्यजीवों को मारने की कार्रवाई की जाती है तो कुछ गैर सरकारी संगठन विरोध करते हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है. उन्होंने विधायक, सांसद, प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

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