बागपत में एआरटीओ की कार्रवाई को लेकर किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. किसान यूनियन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए. किसानों ने सड़क से पुरानी बाइक और अन्य वाहनों को उठाकर जब्त किए जाने की कार्रवाई का विरोध किया. किसान नेताओं का कहना है कि किसानों के ट्रैक्टर और वाहनों को इस तरह जब्त नहीं करने दिया जाएगा.

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दरअसल, बागपत में पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई को लेकर किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. इसी नाराजगी के चलते सैकड़ों की संख्या में किसान यूनियन कार्यकर्ता बागपत एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया.

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पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई गलत- किसान

कार्यकर्ताओं ने कार्यालय परिसर में धरना देते हुए पुराने वाहनों की कार्रवाई का विरोध किया. किसान यूनियन के अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि बागपत में पुराने वाहनों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई गलत है. उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को जब्त नहीं करने दिया जाएगा.

NGT की कार्रवाई का विरोध

किसान नेताओं ने एनजीटी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के चारों तरफ चल रही फैक्ट्रियों से भी प्रदूषण फैल रहा है, लेकिन उस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा. किसान यूनियन ने केंद्र सरकार से एनजीटी के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. वहीं, प्रदर्शन के चलते एआरटीओ कार्यालय में काफी देर तक हंगामे और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा.

हालांकि, बागपत एआरटीओ कार्यालय के बाहर किसानों के प्रदर्शन को लेकर अभी तक अधिकारियों का कोई बयान सामने नहीं आया है. परिवहन कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन से काफी समय तक गहमा-गहमी का माहौल बना रहा है.

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