बागपत में दूषित पानी से मौत का मामला, मंत्री दिनेश खटिक ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Baghpat News: बूढ़पुर गांव के पास से बहने वाला नाला रमाला चीनी मिल का रसायनयुक्त गंदा पानी लाता है, जिसे ग्रामीण 12 मौतों का प्रमुख कारण बता रहे हैं. मंत्री दिनेश खटिक ने कार्रवाई का वादा किया है.

UP News: उत्तर प्रदेश के बागपत में एक-एक कर 12 ग्रामीणों की मौत दूषित पानी से होने की खबर से हड़कम्प मच गया है. राज्य के जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ स्थानीय अधिकारियों से वार्ता की. मामला रामाला थाना क्षेत्र के गांव बूढ्पुर का है. ग्रामीणों ने क्षेत्र की चीनी मिल का दूषित पानी गांव में छोड़ने का आरोप लगाया है.
जानकारी के मुताबिक बूढ़पुर गांव के पास से बहने वाला नाला रमाला चीनी मिल का रसायनयुक्त गंदा पानी लाता है, जिसे ग्रामीण 12 मौतों का प्रमुख कारण बता रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के दूषित पानी और जहरीली गैस से सांस, हृदय, और किडनी जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं. अधिकांश मौतें हार्ट अटैक से हुईं, लेकिन किसी भी मृतक का पोस्टमार्टम न होने के कारण सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका.
हैन्डपम्प का पानी जहरीला
ग्रामीणों के मुताबिक हैंडपंप का पानी भी पीने योग्य नहीं है, और नाले की बदबू से जीना मुश्किल हो गया है. गांव की आबादी लगभग 8,000 है और पिछले डेढ़ महीने में लगातार हुई मौतों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है.
जल शक्ति मंत्री ने सुनीं शिकायतें
अब जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने बूढ़पुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं. उन्होंने कहा कि मरने वालों का पोस्टमार्टम होता तो मौत का सटीक कारण पता चलता. यह घटना दुखद है. नाले की सफाई कराई जाएगी और पानी का प्रवाह बढ़ाया जाएगा. रमाला चीनी मिल को अपना पानी ट्रीट करना होगा. डीएम को इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही मंत्री ने रमाला चीनी मिल के गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और गांव में स्थित रजवाहे का निरीक्षण भी किया. उन्होंने चीनी मिल को दूषित पानी बंद करने और स्वास्थ्य विभाग को गांव में मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए.
अखिलेश यादव पर किया पलटवार
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर की गई टिप्पणी के जवाब में दिनेश खटीक ने कहा कि अखिलेश पूर्व सीएम हैं, जबकि केशव प्रसाद मौर्य हमारी सरकार में डिप्टी सीएम हैं और यूपी में शानदार नेतृत्व कर रहे हैं. सपा शासन में किसानों को गन्ना भुगतान और बेटियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी. अब योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और विकास में सुधार हुआ है.
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