उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में बिसौली थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर और सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र यादव को एक नेत्रहीन शिकायतकर्ता को कोतवाली से गाली देकर और धक्के मारकर बाहर निकालने को लेकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. जिसके बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने उन्हें निलंबित कर दिया.
एसएसपी की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है. पूरे मामले की विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं. इस घटना से पुलिस की छवि को गहरा धक्का भी लगा था. क्यूंकि एक नेत्रहीन व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार जायज नहीं ठहराया जा सकता.
क्या है पूरा मामला ?
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार गत तीन मार्च को एक मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा की भिड़त हो गई थी. जिसमें मोहम्मदपुर के रहने वाले मोटरसाइकिल सवार युवक सुरेश पाल और उसका दृष्टिबाधित चाचा मोरपाल घायल हो गए थे, जिनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा था.
उन्होंने बताया कि मोरपाल ने बिसौली थाने में दुर्घटना के बारे में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करायी और बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत की गई थी.
आपा खो बैठे इंस्पेक्टर पुंडीर
शिकायत के अनुसार, मोरपाल शनिवार को पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाने कोतवाली गया था. वहां कुछ विवाद होने पर निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर अपना आपा खो बैठे और कथित रूप से गालियां देते हुए शिकायतकर्ता को धक्के मारकर अपने कार्यालय कक्ष से बाहर निकाल दिया. इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसमें लोग बदायूं पुलिस पर सवाल उठा रहे थे.
एसएसपी ने लिया एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर और सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र यादव को निलंबित कर दिया तथा मामले की जांच बिसौली के पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार को सौंप दी. आगे की कार्रवाई अब विभागीय जांच मिलने के बाद की जाएगी.
