आजमगढ़ शहर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में सरकारी पैसे से खरीदे गए लाखों रुपये के हजारों लैपटॉप और टैबलेट लापरवाही की भेंट चढ़ गए. बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंद पड़े एक कमरे में रखे इन लैपटॉप और टैबलेट में दीमक लग गई और अब वे सीलन लगने की वजह से सड़ चुके हैं.

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दरअसल, यह मामला तब उजागर हुआ जब विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कथित रूप से इन कबाड़ हो चुके उपकरणों को बोरे में भरकर हटाने की कोशिश कर रहे थे. बताया गया कि यह कार्य विद्यालय के बाबू के निर्देश पर किया जा रहा था. जब किसी ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो मौके पर मौजूद लोग वहां से भाग खड़े हुए. सीलन की वजह से सड़ चुके इन लैपटॉप और टैबलेट की संख्या हजारों में हो सकती है, जिनकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है.

"खराब लैपटॉप और टैबलेट दूसरी जगह कराए जा रहे शिफ्ट"

प्रधानाचार्य ने बंद कैमरे में कहा कि विद्यालय में पीसीएस की परीक्षा होने वाली है, परीक्षा की तैयारी के चलते विद्यालय परिसर में काफी दिनों से बंद पड़े इस कमरे को खोलकर सफाई कराई जा रही थी. यह सामान उस कमरे में पाए गए, जो काफी समय पहले से रखे हुए है, जिन्हें दूसरी जगह रखने की व्यवस्था की जा रही है.

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सपा ने बीजेपी पर बोला हमला

इस मामले में विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अशोक यादव ने कहा कि बच्चों को पढ़ने के हजारों की संख्या में आए लैपटॉप, टैबलेट सड़ गए और यह बच्चों को पढ़ने के लिए दिए नहीं गए. इससे साफ है कि भारतीय जनता पार्टी लैपटॉप और टैबलेट युवाओं में बांटने की जगह सांप्रदायिकता और उन्माद बांट रही है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

बीजेपी बोली- दोषियों पर जांच के बाद होगी कार्रवाई

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा, "योगी सरकार में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. जांच करा कर दोषी कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई कराई जाएगी." उन्होंने कहा कि, युवाओं के भविष्य के साथ तो समाजवादी पार्टी लाल टोपी पहनाकर खिलवाड़ करती है.