आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, इस मामले में MP-MLA कोर्ट ने करार दिया दोषी, कुछ देर में सजा का ऐलान
Samajwadi Party के नेता आजम खान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. दो पैन कार्ड मामले में 7 साल की कैद काट रहे आजम खान को रामपुर की एक अदालत ने एक और मामले में दोषी करार दिया है.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में अधिकारियों को लेकर दिए गए विवादित बयान, "ये तनखइया हैं,इनसे जूते साफ कराऊंगा" मामले में अदालत ने सपा नेता को दोषी करार दिया है. उनको कितनी सजा होगी, इसका ऐलान कुछ देर में होगा. शनिवार, 16 मई को एमपी एमएलए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया.
उत्तर प्रदेश स्थित रामपुर में एमपी एमएलए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया.
100 से ज्यादा मुकदमों का सामना कर रहे सपा नेता आजम खान को अब तक 11 मामलों में राहत मिल चुकी है, जबकि 6 मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है. फिलहाल आज़म खान अपने बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के साथ रामपुर जिला जेल में बंद हैं. दोनों पर दो पैन कार्ड मामले में कार्रवाई हुई है और इसी केस में वे जेल में हैं.
क्या है मामला?
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का एक बयान काफी विवादों में आ गया था. चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर जिले के भोट थाना क्षेत्र में आयोजित एक रोड शो में आजम खान ने मंच से कहा था, “इन कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो, ये तनखइया हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा.” उनका यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था और रामपुर से लेकर दिल्ली स्थित चुनाव आयोग तक इसकी गूंज सुनाई दी थी.
बयान को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया था. दिल्ली में चुनाव आयोग ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी. तत्कालीन जिलाधिकारी और वर्तमान में मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था.

























