समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से जुड़े चर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने आजम खान, सह-आरोपी वीरेंद्र गोयल समेत सभी याचिकाकर्ताओं को मिली अंतरिम राहत को 24 मार्च तक बढ़ा दिया है. कोर्ट पहले ही ट्रायल कोर्ट को इस मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने से अंतरिम रूप से रोक चुका है.

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आजम खान और उनके सहयोगी वीरेंद्र गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट द्वारा अंतिम फैसला सुनाए जाने पर रोक लगाने की मांग की है. याचिका में ट्रायल कोर्ट के 30 मई 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें उनकी मांग अस्वीकार कर दी गई थी. दोनों ने हाईकोर्ट से ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की अपील की है.

2016 का है मामला

यह मामला वर्ष 2016 के चर्चित बलपूर्वक बेदखली प्रकरण से जुड़ा है. 15 अक्टूबर 2016 को रामपुर स्थित यतीम खाना, वक्फ संख्या 157 नामक वक्फ संपत्ति पर अनधिकृत ढांचे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई थी. इस प्रकरण में 2019 में रामपुर के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था.

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याचिका में कहा गया है कि जब तक मुख्य गवाहों की दोबारा गवाही नहीं कराई जाती और मामले से संबंधित महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड में नहीं लाया जाता, तब तक निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है. हाईकोर्ट इस मामले में सह-आरोपी मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार, शाहिद प्रधान और आले हसन खान की याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई कर रहा है. अदालत ने सभी याचिकाओं को कनेक्ट कर संयुक्त रूप से सुनवाई का आदेश दिया है. मामले में अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी.