अयोध्या में विशेष पुनरीक्षण-2026 (SIR) को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक हुई. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पूरे काम का जायजा लिया.

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बैठक में मतदाता सूची अपडेट, नोटिस की सुनवाई, बुक ए कॉल विद बीएलओ और एनजीएसपी पोर्टल पर आई शिकायतों के निस्तारण पर खास फोकस रहा. अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि बीएलओ को ठीक से ट्रेनिंग दी जाए और शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए.

जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 15,70,258 मतदाता शामिल हैं. इनमें से 4,85,782 लोगों को नोटिस भेजे गए थे. राहत की बात ये है कि 99.42% नोटिस वितरित हो चुके हैं और 99.40% मामलों की सुनवाई भी पूरी कर ली गई है.

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276-गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र में 100% सुनवाई पूरी होने पर अधिकारियों की सराहना की गई, जबकि 271-रूदौली में धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई गई और काम तेज करने को कहा गया.

राजनीतिक दलों ने उठाए मुद्दे

बैठक में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं. समाजवादी पार्टी ने मिल्कीपुर क्षेत्र में वोटर आईडी वितरण और नाम कटने की शिकायत उठाई. इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कार्रवाई की जा रही है. वहीं भाजपा प्रतिनिधि ने ऑनलाइन फॉर्म की मंजूरी में देरी का मुद्दा उठाया, जिस पर सुधार के निर्देश दिए गए.

27 मार्च तक पूरी होगी प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि पूरे प्रदेश में 99.70% और अयोध्या में 99.40% सुनवाई पूरी हो चुकी है. बाकी बचे मामलों को 27 मार्च 2026 तक निपटाने का लक्ष्य रखा गया है.

उन्होंने कहा कि फॉर्म-6, 7 और 8 के सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है ताकि 10 अप्रैल 2026 को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में सभी बदलाव शामिल किए जा सकें.

नागरिकों के लिए अहम अपील

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में छूट गया है तो तुरंत फॉर्म-6 भरें. साथ ही अंतिम सूची जारी होने के बाद अपना नाम जरूर जांच लें, ताकि मतदान के समय किसी तरह की परेशानी न हो.

नई सुविधाएं भी लागू

इस बार चुनाव व्यवस्था में कुछ नए बदलाव भी किए गए हैं. अब मतदाता मोबाइल फोन लेकर मतदान केंद्र तक जा सकेंगे, लेकिन वोटिंग रूम के अंदर मोबाइल ले जाना मना रहेगा. इसके अलावा एक बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी गई है, जिससे भीड़ और लंबी लाइन की समस्या कम होगी.

नए मतदाताओं को 15 दिन के भीतर पीवीसी वोटर आईडी कार्ड डाक से भेजने की व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे उन्हें जल्दी पहचान पत्र मिल सके.