अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कंदैला गांव में रामलगन मौर्य और उनकी मां पार्वती देवी की मौत के बाद सियासत गरमा गई है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त को पुराने जमीन और रास्ते के विवाद में रामलगन और उनकी मां पर गोली और बम से हमला किया गया था. रामलगन की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि घायल पार्वती देवी ने 14 सितंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि रामलगन की हत्या से पहले खुले तौर पर 15 दिन में हत्या करने की धमकी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि अगर हत्या की घोषणा खुलेआम होने लगे और पुलिस कार्रवाई न करे तो यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए चिंता की बात है.
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‘जिंदा बम बरामद होना गंभीर सवाल’
आजाद ने कहा कि रामलगन अस्पताल से लौटे तो घात लगाकर उन पर हमला किया गया. उन्होंने घटना में बम और गोलियों के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि मौके से जिंदा बम बरामद होना और कई गोलियां चलना गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.
परिवार की आर्थिक स्थिति का किया जिक्र
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने पीड़ित परिवार की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए और परिवार को नौकरी क्यों नहीं दी गई. उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए.
‘30 सितंबर तक इंतजार करेंगे’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी 30 सितंबर तक इंतजार करेगी. उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और सरकार से कार्रवाई की मांग की. गौरतलब है कि पुलिस ने मामले में 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी विजयभान सिंह को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
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