अयोध्या में राम मंदिर में कथित दान घोटाले के मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम लखनऊ रवाना हो गई है. 6 दिन जांच करने के बाद एसआईटी टीम लखनऊ जा रही है. रविवार (21 जून) को सीएम योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी जा सकती है.

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बता दें कि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच एसआईटी कर रही है. एसआईटी की टीम मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच के बाद अब रिपोर्ट सौंप सकती है.

टिन्नू यादव से भी एसआईटी कर चुकी है पूछताछ

जांच टीम का फोकस वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मामले की सच्चाई को उजागर करना है. एसआईटी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है. टिन्नू यादव समेत नकदी गिनने, धन राशि के मैनेजमेंट और कथित गड़बड़ी से जुड़े कर्मचारियों पर एक्शन की तैयारी है. बताया जा रहा है कि कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

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सीएम योगी ने किया था SIT का गठन

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. सरकार ने कहा था कि अगर जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी ने कहा था श्रीराम मंदिर आस्था का विषय है, अफवाहों का नहीं. अयोध्या सनातन चेतना, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का केंद्र है.

सीएम योगी के निर्देश पर लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन की नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है. एसआईटी को सात दिनों के अंदर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा तय है.

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