उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सियासत गर्म हो गई हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंदे की करोड़ों रुपये की रकम ग़ायब होने का दावा किया है. इन तमाम आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि न्यास समिति के महासचिव चंपत राय की सफाई आई हैं. उन्होंने मंदिर के ऑडिट को लेकर पूरी बात सबके सामने रखी है.
अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि हुंडी का ऑडिट कब और कैसे किया जाता है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल होते हैं. उन्होंने पूरी प्रक्रिया को लोगों के सामने रखा है.
अखिलेश यादव के आरोपों पर दिया जवाब
चंपत राय ने कहा- "श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र अपने भिन्न-भिन्न कार्यों को ऑडिट समय-समय पर करता रहता है. हुंडी काउंटिंग (दान) कमरे का ऑडिट भी होता है. हुंडी काउंटिंग कमरे का ऑडिट राम तीर्थ क्षेत्र के न्यासीगण, कार्यकर्ता और स्टेट बैंक के कर्मचारी मिलकर करते हैं. ये कार्य कई दिनों तक चलता है. यहीं कार्य आजकल हो रहा है. कोई भी उल्लेखनीय बात किसी के भी ध्यान में अभी तक नहीं आई है."
ट्रस्ट की सफाई पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
चंपत राय की सफ़ाई पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फिर से सवाल उठाए और कहा कि 'स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है. चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है. ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए. इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है.
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है? प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है. ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है.'
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करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप
बता दें कि अखिलेश यादव ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए राम मंदिर के चंदे में करोड़ों रुपये ग़ायब होने का दावा किया था. उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए इसे मंदिर ट्रस्ट के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति बताया और कहा कि इस मामले पर सरकार की ओर से भी चुप्पी है जो संदिग्ध है. सपा मुखिया ने कोर्ट से इसका संज्ञान लेने की अपील की.
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